
प्रतीकात्मक तस्वीर।
रायपुर/ नवापारा-राजिम. छत्तीसगढ़ के प्रयागराज, (Chhattisgarh ka Prayag Rajim) प्रमुख तीर्थ स्थल, जीवनदायिनी त्रिवेणी संगम महानदी इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। नवापारा व राजिम नगर के दोनों पाटो से लगा बहता हुआ यह पवित्र त्रिवेणी संगम में गंदगी व घास-फूस, मलबा से भरा पड़ा है जिसकी सफाई अत्यंत जरूरी हो गई है। गंदगी के कारण नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है, जिसके सेवन से आम लोगों में सर्दी-खांसी, दाद- खुजली, वचर्म रोग की शिकायतें सामने आ रही हैं। यहां के जनप्रतिनिधियों ने कई बार विभागीय अधिकारी व मंत्री-विधायकों को इस समस्या के बारे में ध्यान-आकर्षित कराते हुए नदी की सफाई कराने की मांग कर चुके हैं।
Chhattisgarh ka Prayag Rajim : यहां हर साल माघी पुन्नी से लेकर महाशिवरात्रि तक 15 दिवसीय भव्य मेला का आयोजन होता है। मेले के दौरान सरकार लोगों की सुविधा के लिए लाखों रुपया खर्च करती है, लेकिन नदी की सफाई नहीं होती। मेला में प्रदेश ही नहीं, देश-विदेश से भी पर्यटक आते हैं। प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री (CM Bhupesh Baghel ) , राज्यपाल के अलावा सरकार के सभी मंत्रीगण, विधायकों सहित प्रदेश स्तर के सामाजिक व राजनीतिक लोगों की यहां आमद रहती है। परंतु महानदी में फैली गंदगी, गाद-मलबा की सफाई के लिए पहल नहीं की।
Chhattisgarh ka Prayag Rajim : पिछले दिनों भेंट मुलाकात कार्यक्रम में राजिम पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel ) को भी नदी में व्याप्त गंदगी, गाद-मलबा की सफाई के लिए पत्रकार वार्ता के दौरान बात रखी गई। जिस पर मुख्यमंत्री बघेल (CM Bhupesh Baghel ) ने विशेष ध्यान देते हुए त्रिवेणी संगम की सफाई के लिए हामी भरी थी और तत्काल अधिकारियों को निर्देश भी दिए। परंतु आज तक किसी प्रकार के नदी की सफाई जैसे कार्यवाही नजर नहीं आ रही है। बहरहाल, फरवरी में माघी पुन्नी मेला का आयोजन होगा।
Published on:
12 Dec 2022 02:04 pm
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