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सुसाइड नोट में बयां किया अपने दिल का दर्द, कर्ज से परेशान होकर की खुदखुशी

सुसाइड नोट के अखिरी में हितेश ने अपनी मां, पत्नी और बच्ची के लिए भवात्कम शब्द लिखा है। बताया जाता है कि कोरबा पथर्रीपारा के पास हितेश की दवा दुकान है। इसका संचालन करता था।

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Sucide : कर्ज से था परेशान व्यक्ति ने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दी

कोरबा. एक दवा विक्रेता ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसके पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें खुदकुशी का कारण कर्ज का बोझ बताया गया है।
पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है। इसकी जांच शुरू की है। घटना दर्री थानांतर्गत जमनीपाली साडा कॉलोनी की है। हितेश पांडे उम्र 30 वर्ष कॉलोनी के मकान में परिवार के साथ रहता था। मंगलवार की शाम हितेश ने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुश कर लिया। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में नहीं थे। उसकी मां और पत्नी मासूम बच्ची को लेकर घर से बाहर गई थी। इस बीच हितेश ने घटना को अंजाम दिया। सदस्यों के लौटने पर पुलिस को जानकारी हुई। थानेदार विवेक शर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें युवक ने खुदकुशी के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है।

नोट में अपनी दिवालियापन का जिक्र किया है। इसके लिए पुलिस से परिवार के किसी सदस्य को परेशान नहीं करने कहा है। सुसाइड नोट के अखिरी में हितेश ने अपनी मां, पत्नी और बच्ची के लिए भवात्कम शब्द लिखा है। बताया जाता है कि कोरबा पथर्रीपारा के पास हितेश की दवा दुकान है। इसका संचालन करता था।

कर्ज कितना इसका उल्लेख नहीं
हितेश पर कितना और किसका कर्ज था? इसका उल्लेख सुसाइड नोट पर नहीं है। पुलिस का कहना है कि मृतक के मोबाइल फोन को जब्त किया गया है। इस मसले को लेकर जल्द ही परिवार के सदस्यों का बयान दर्ज किया जाएगा। इसमें स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।