
मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक में विभिन्न योजनाओं पर हुई चर्चा, आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा व स्वास्थ्य पर जोर
रायपुर.मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक में शनिवार को प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में तेजी विकास करने और वर्तमान में चल रही योजनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से सभी सांसदों व विधायकों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के प्रस्ताव बनाकर दें ताकि उन पर अमल किया जा सके। मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सम्पूर्ण राजस्व जिला कोरबा के अतिरिक्त गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, राजनांदगांव, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, रायगढ़ तथा जांजगीर-चांपा के आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में सम्मिलित क्षेत्र शामिल है।
शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य और प्राधिकरण के अध्यक्ष लालजीत सिंह राठिया की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि पहले प्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए केवल दो बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण थे। बस्तर तथा सरगुजा विकास प्राधिकरण के सम्मिलित जिलों के अतिरिक्त शेष आदिवासी उपयोजना क्षेत्र के विकास की अल्पकालिक तथा दीर्घकालिक योजनाओं के निर्माण, क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सम्पूर्ण राजस्व जिला कोरबा के अतिरिक्त गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, राजनांदगांव, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, रायगढ़ तथा जांजगीर-चांपा के आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में सम्मिलित क्षेत्र शामिल है। इस प्राधिकरण के गठन से आदिवासी क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी।
प्राधिकरण की योजनाओं की चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण में शामिल सभी 12 जिलों में वित्तीय वर्ष 2018-19 में लगभग 20 करोड़ रूपए की स्वीकृत राशि से 419 विकास तथा निर्माण कार्य संचालित है। इनमें से वर्तमान में 14 करोड़ रूपए की राशि के 286 कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है। इस दौरान चर्चा करते हुए मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के जिले के अतंर्गत चिन्हाकित ग्रामों की सूची संबंधित सांसदों तथा विधायकों को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया।
ये रहे उपस्थित
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव, स्कूल शिक्षा तथा आदिमजाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिय़ा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, सांसद छाया वर्मा सहित प्राधिकरण के सदस्य और मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास सुब्रत साहू, सचिव आदिम जाति विकास डी.डी. सिंह तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
Published on:
30 Nov 2019 10:30 pm
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