5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अफसरों का सिर ही चकरा गया जब कारोबारी के यहां मिला कुबेर का खजाना, करोड़ों रुपए और 70 Kg चांदी जब्त

आयकर विभाग के अधिकारियों ने देररात तक यहां जांच पूरी होने की संभावना जताई है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Chandu Nirmalkar

•

Updated: 24 Nov 2018, 9:37 PM IST

Chhattisgarh news

अफसरों का सिर ही चकरा गया जब कारोबारी के यहां मिला कुबेर का खजाना, करोड़ों रुपए और 70 Kg चांदी जब्त

रायपुर. आयकर अन्वेषण विभाग को ज्वेलरी शॉप संचालक ने 6 करोड़ 23 लाख रुपए का अघोषित आय शनिवार को सरेण्डर कर दिया। वहीं तलाशी में उसके ठिकानों से मिले मिले 70 किलो चांदी के जेवरात को जब्त किया गया है। इसकी कीमत करीब 27 लाख रुपए है। उनके 3 ठिकानों पर अब भी जांच चल रही है। इसमें रोलिंग मिल सहित दो ज्वेलरी शोरूम शामिल है।

आयकर विभाग के अधिकारियों ने देररात तक यहां जांच पूरी होने की संभावना जताई है। छानबीन के दौरान करोड़ों रुपए के लेनदेन का दस्तावेज और अघोषित स्टॉक मिला है। विशेषज्ञों से इसकी कीमत का मूल्याकंन करवाया जा रहा है। साथ ही कारोबारी गु्रुप से जुड़े हुए दर्जनभर लोगों से पूछताछ कर उनके लिखित बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

उनके ठिकानों से बरामद दस्तावेजों का वेरिफिकेशन भी उनसे करवाया जा रहा है। ज्ञात हो कि आयकर विभाग की टीम ने रोलिंग मिल और ज्वेलरी कारोबार से जुड़े दो ग्रुप 8 ठिकानों में 22 नवम्बर को रायगढ़ में छापा मारा था। इस दौरान 87 लाख रुपए नगद और 3 करोड़ 25 लाख रुपए की ज्वेलरी बरामद की गई थी। इसका हिसाब नहीं देने पर सीज कर लिया गया था। वहीं कारोबारी ने 2 करोड़ 25 लाख रुपए की अघोषित आय को स्वीकार किया था।

शोरूम में करोड़ों की बेशकीमती ज्वेलरी
कारोबारी के चार मंजिला आलीशान ज्वेलरी शोरूम में करोड़ो रुपए की स्वर्ण जडि़त डायमंड ज्वेलरी मिली है। इसे शोरूम में गोपनीय रूप से छिपाकर रखा गया था। डिमांड करने पर ही इसे खरीदार को दिखाया जाता था। इसका कोई हिसाब तक नहीं रखा गया है। तलाशी में विभागीय अधिकारियों ने इसे बरामद किया। इसके क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है।

हाइटेक साफ्टवेयर
कारोबारियों ने लेनदेन का रिकॉर्ड गोपनीय रखने कम्प्यूटर में हाइटेक साफ्टवेयर लगाया है। इसमें बहुत ही गोपनीय फाइले और हिसाब-किताब रखा गया है। यह खोलने के लिए कारोबारी द्वारा कोडवर्ड का उपयोग किया जाता है। इसके कोडवर्ड को तोडऩे के लिए विशेषज्ञ की मदद ली जा रही है। वहीं कारोबारियों ने इस तरह का कोई डाटा होने से इंकार कर किया है।

लॉकर सील किया
कारोबारी और उनके परिवार वालों के दो लॉकर स्थानीय बैंकों में मिले है। इसे जांच के लिए सील कर दिया गया है। साथ ही उनके बैंक खातों की जानकारी मांगी गई है। विभागीय अधिकारियों ने आशंका जताई है कि कारोबारियों के और भी लॉकर हो सकते है।