29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ये है इस क्रिकेटर की कहानी, नहीं थे कभी खाने के पैसे, तो कभी गुरूद्वारे में काटे दिन

ऋषभ राजेंद्र पंत (Rishabh Rajendra Pant) )ने अंडर-19 वल्र्ड कप और आईपीएल में छोड़ी छाप
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Deepak Sahu

•

Updated: 14 Nov 2017, 8:28 PM IST

Rishabh pant struggle story

rishabh pant

दीपक साहू. यूँ तो हर किसी की कामयाबी की कहानी अनोखी होती है मगर आज हम जिनकी बातें करने जा रहे हैं उन्होंने भी बहुत सी कठिनाइयों का सामना किया तब जाकर आज लोग उन्हें जान पाएं हैं।

ऋषभ राजेंद्र पंत (Rishabh Rajendra Pant) (जन्म 4अक्तूबर 1997) एक भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी है जिनका जन्म हरिद्वार ,उत्तराखंड में हुआ था। ऋषभ पंत घरेलू क्रिकेट दिल्ली के लिए खेलते हैं। पंत मुख्यतः बल्लेबाजी और विकेटकीपर के लिए जाने जाते हैं।इन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत 22 अक्तूबर 2015-16 को रणजी ट्रॉफी में की थी और लिस्ट ए क्रिकेट की शुरुआत 24 दिसम्बर 2015 -16 विजय हजारे ट्रॉफी में की थी।

गुरुद्वारे में रहकर गुजारे दिन :

रुड़की में रहने वाला पंत का परिवार उन्हें दिल्ली क्रिकेट की टॉप एकेडमी में भर्ती कराना चाहता था। ऋषभ के कोच देवेंद्र शर्मा के मुताबिक, 6-7 साल पहले एक कैंप में पंत के पिता ने दोनों को मिलाया था। पंत को दिल्ली में कोचिंग लेनी थी, इसलिए वह अपनी मां के साथ राजधानी आ गए। मगर उनके पास रहने की कोई जगह नहीं थी और ना ही खर्च करने को ज्यादा पैसे। इसलिए मोती बाग गुरुद्वारा में मां-बेटे रहते थे। बेटा जहां पिता के सपनों को पूरा करने में जी-जान से जुटा था, वहीं मां गुरुद्वारे में सेवा किया करती थी।

ऋषभ पंत ने भले ही आज तक दो अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हों, मगर आईपीएल के जरिए क्रिकेट में अपनी छाप छोडऩे वाले इस खिलाड़ी की तुलना आज महेंद्र सिंह धोनी से होती है। दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से खेलने वाले पंत ने 24 आईपीएल मैचों में 2 बार नाबाद रहते हुए 151.21 की स्ट्राइक के साथ 564 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने सर्वश्रेष्ठ 97 रन समेत 3 अद्र्धशतक भी जड़े हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि इस खिलाड़ी ने अपने शुरुआती दिनों में बेहद स्ट्रगल किया है। आलम ये था कि कभी इस क्रिकेटर के पास खाने तक को पैसे नहीं हुआ करते थे।

48 गेंदों में शतक जड़कर मचाया तहलका :

उसी दौर में पंत ने एक अंडर-12 टूर्नामेंट में तीन शानदार शतक जड़े और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब हासिल किया। इसके बाद जल्द ही उन्हें दिल्ली कैंट के एयरफोर्स स्कूल में दाखिला मिल गया। फिर ऋषभ ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अंडर-19 वल्र्ड कप 2016 में नेपाल के खिलाफ 18 गेंदों में हाफ सेंचुरी जड़कर नया रिकॉर्ड बना दिया था। इसी टूर्नामेंट में पंत ने नामीबिया के खिलाफ शतक जड़कर टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचने में मदद की। उसी दिन इंडियन प्रीमियर लीग में पंत को दिल्ली डेयरडेविल्स ने 1.9 करोड़ रुपए में खरीदा। बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने वाले ऋषभ 2016-17 क्रिकेट सत्र में झारखंड के खिलाफ 48 गेंदों में शतक जड़कर तहलका मचा दिया था। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ तिहरा शतक भी जड़ा था। पंत ने 10 प्रथम श्रेणी मैचों की 16 पारियों में 1080 रन बनाए, इसमें 4 शतक और 3 अद्र्धशतक शामिल हैं।