दिनेश यदु @ रायपुर. सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड अंतर्गत ग्राम कालामांजन से लगे जंगल में घायल पड़े बाघ को रेस्क्यू कर लिया गया है। बाघ को पिंजरे में रख विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जा रहा है। बाघ के सिर सहित शरीर में कई जगह गंभीर चोट है। सरगुजा वन परिक्षेत्र के सीसीएफ नवीद शुजाउद्दीन ने बताया कि गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान से लगे सूरजपुर जिले के ओड़गी के कालामांजन के जंगल में लकड़ी लेने गए तीन युवकों पर सोमवार की सुबह बाघ ने हमला कर दिया था। बाघ के हमले से दो युवकों की मौत हो गई थी। एक युवक अभी भी गंभीर रूप से घायल है।वही आत्मरक्षा के लिए युवकों ने भी टांगी से बाघ वार किए थे। बाघ के सिर सहित कई स्थानों में चोटे आई है।
सोमवार को रात हो जाने के कारण बाघ को रेस्क्यू करने का ऑपरेशन बंद करना पड़ा था। घायल बाघ को रेस्क्यू करने के लिए तमोर पिंगला से कुमकी हाथी मंगाया गया था। सोमवार रात को ही प्रशिक्षित हाथी को कालामांजन के पास ले आया गया था। बिलासपुर से डा पीके चंदन, अंबिकापुर से डा सीके मिश्रा के साथ वन,पुलिस व राजस्व विभाग के आला अधिकारी भी मौके पर ही थे। कुमकी हाथी पर बैठकर टीम द्वारा उसे ट्रैक्यूलाइज किया गया। टीम के कुछ सदस्य जेसीबी वाहन तथा कुछ लोग पेड़ पर भी चढ़े थे। बाघ के बेहोश हो जाने के बाद उसे स्ट्रेचर में ढोकर जंगल से बाहर लाकर पिंजरे में बंद किया गया।