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विधानसभा में गूंजा अपराध का मुद्दा, विपक्ष ने जमकर किया हंगामा, 2 बार स्थगित करनी पड़ी कार्यवाही

CG Assembly: विधानसभा के शून्यकाल में मंगलवार को प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष का आरोप था कि भाजपा की सरकार बनने के बाद अमृतकाल विषकाल बन गया है।

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Raipur News: विधानसभा के शून्यकाल में मंगलवार को प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष का आरोप था कि भाजपा की सरकार बनने के बाद अमृतकाल विषकाल बन गया है। विपक्ष के सदस्य काम रोको प्रस्ताव के जरिए बढ़ते अपराध पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। हंगामे से दो बार सदन की कार्यवाही 5-5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में विपक्ष के सदस्य गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। इससे विपक्ष के विधायक स्वमेव निलंबित हो गए।

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शून्यकाल में कांग्रेस विधायक उमेश पटेल, कवासी लखमा, लालजीत सिंह राठिया, अनिला भेड़िया, सावित्री मनोज मंडावी, कुंवर सिंह निषाद, द्वारिकाधीश यादव ने बढ़ते अपराध को लेकर स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा करने की मांग रखी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा, सरकार बनने के बाद लगातार अपराध बढ़ रहा है। गृहमंत्री के जिले में छह हत्या हो चुकी है। पुलिस शांत है। इस पर चर्चा होनी चाहिए। इसके बाद आसंदी ने यह कहते हुए प्रस्ताव खारिज कर दिया कि स्थगन के विषयों में कई बार चर्चा हो चुकी है।

इसके बाद विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करने लगे, तो सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्ष के सदस्यों ने फिर चर्चा की मांग की और नारेबाजी करने लगे। सदन की कार्यवाही फिर स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर विपक्ष के विधायक गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।

अजय चंद्राकर ने अपने ही मंत्री को घेरा

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने ध्यानाकर्षण के जरिए प्रदेश के लापता लोगों का मुद्दा उठाया। उन्होंने एक के बाद एक कई सवाल किए। इस पर ज्यादातर सवालों के जवाब में डिप्टी सीएम व गृह मंत्री विजय शर्मा का कहना था कि अलग से जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। इस जवाब से विधायक असंतुष्ट नजर आए। साथ ही उन्होंने लापता लोगों के लिए लगातार अभियान चलाने की बात कहीं। इस पर गृहमंत्री ने कहा, आईआईएम के सहयोग से अध्ययन किया जा रहा है। लगातार अभियान चलाया जाएगा।

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विधानसभा में मंगलवार को छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक पारित हुआ। विधेयक पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, हमारी सरकार में बेस्ट ट्रांसपैरेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। 2018 में कांग्रेस की सरकार आई थी तब उसी वित्तीय वर्ष में 11 हजार करोड़ का कर्ज लिया था। हमारी सरकार आई तो हमने अपने पहले वित्तीय वर्ष में 13 हज़ार करोड़ का लोन लिया है। यह लोन किसानों, महिलाओं और आवास के लिए लिया है। इसी वित्तीय वर्ष में हमने 21 हज़ार करोड़ रुपए खर्च किया है।

आज हमारी वित्तीय स्थिति ऐसी है कि जिस दिन मुख्यमंत्री कहेंगे उसी दिन हम महतारी वंदन योजना और कृषक कल्याण योजना की राशि किसानों के खाते में एक साथ देने की स्थिति में हैं। वित्त मंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, पिछली कांग्रेस सरकार में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था स्लो डाउन जैसी थी। राष्ट्रीय औसत से भी कम है। बिहार जैसे पिछड़े राज्य हो या नार्थ ईस्ट के राज्यों से भी खराब स्थिति है। बीते पांच साल में राज्य का विकास पिछड़ा है। हमें बहुत ध्यान देकर कम करने की ज़रूरत है। हमें आगामी 10-20 साल की योजना पर काम करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, पिछली सरकार ने कई ग़लत तरीक़े से काम किया। रिमोट कहीं और से चल रहा था। वहीं-वहीं दस्तख़त हुए, जहां फ़ैसले ग़लत हुए।

विस में उठा फर्जी जाति प्रमाणपत्र का मुद्दा: प्रश्नकाल में भाजपा विधायक आशा राम नेताम फर्जी जाति प्रमाणपत्र का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री जायसवाल ने बताया कि विभिन्न विभागों में काम कर रहे कुल 232 लोगों के खिलाफ पर्जी जाति प्रमाण पत्र की शिकायत है। इनमें 102 के खिलाफ कार्रवाई लंबित है।

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वित्त मंत्री बोले- भाजपा सरकार में लागू होगा बेस्ट ट्रांसपैरेंट सिस्टम

विधानसभा में मंगलवार को दो संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित किए गए। पहला विधेयक उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ सिविल न्यायालय (संशोधन) 2024 प्रस्तुत किया। इस संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद अब जिला न्यायाधीश के स्थान पर प्रधान जिला न्यायाधीश, अपर जिला न्यायाधीश के स्थान पर जिला न्यायाधीश, व्यवहार न्यायाधीश प्रथम वर्ग के स्थान पर व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी और व्यवहार न्यायाधीश द्वितीय वर्ग के स्थान पर व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी लिखा जाएगा। इसी तरह दूसरा संशोधन विधेयक वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2024 प्रस्तुत किया।