
कोरोना जांच के बाद ही जंगल सफारी में एंट्री, बचने के लिए पार्किंग से ही लौट रहे सैलानी
रायपुर. जिले के अटल नगर में बने एशिया के सबसे बड़े मानव निर्मित जंगल सफारी के जू को हाईटेक करने की तैयारी सफारी प्रबंधन ने शुरू कर दी है। जू के इंट्रेस गेट को वन अधिकारी सेंसर युक्त बना रहे है। यह सेंसरयुक्त गेट जू के टिकट में लगने वाले बार कोड के सहारे खोला जा सकेगा।
विभागीय अधिकारियों की माने तो इस नई व्यवस्था इस नई व्यवस्था से जू के अंदर जाने वाले लोगों की सघन जांच हो सकेगी और जिसका पास टिकट होगी, केवल वहीं दर्शक जू के अंदर प्रवेश कर सकेगा। सेंसरयुक्त गेट के पास सीसीटीवी कैमरा भी लगेगा, जिससे जू में आने जाने वाले पर्यटकों पर निगरानी रखी जाएगी।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
सफारी प्रबंधन ने विभागीय अधिकारियों को जू को हाईटेक करने के लिए लगने वाले उपकरणों का प्रपोजल बनाकर भेजा था। विभागीय अधिकारियों ने इस प्रपोजल को मंजूरी दे दी है और इसके साथ ही जल्द से जल्द निर्माण कार्य के लिए निविदा बुलाने का निर्देश दिया है। सफारी प्रबंधन के जिम्मेदारों की माने तो बारिश के बाद तेज गति से मिनी जू को हाईटेक करने का काम शुरू होगा। पर्यटको को जू और सफारी अपने ओर आकर्षित कर सके, इसलिए विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार प्रयोग किया जा रहा है।
मैसूर जू की तर्ज पर निर्माण
अटल नगर के सेक्टर- 41 में निर्मित जंगल सफारी को राज्य सरकार ने 800 एकड़ में बनाया है। सफारी में आनंद लेने के साथ पर्यटक वन्य प्राणियों को करीब से देख सके इसलिए विभागीय अधिकारियों ने 2015 में नेशनल जू अथॉरिटी को पत्र लिखा था। जिसके बाद 2017 में इजाजत मिलने पर मिनी जू का निर्माण भी कर दिया। मिनी जू को और हाईटेक बनाया जा सके इसलिए सफारी प्रबंधन जू को टेक्नोलॉजी से लैस कर रहा है। पर्यटक को विभाग की पहल पसंद आए इसलिए मैसूर जू की तर्ज पर सफारी जू को हाईटेक प्रबंधन कर रहा है।
12 प्रजाति के वन्य प्राणियों का निवास जू में
सफारी स्थित मिनी जू में टाइगर, लेपर्ड, मगर, घडियाल, चीतल, ब्लैक बर्क, नीलगाय, सांभर, भालू, मोर , भालू प्रजाति के वन्य प्राणि निवास कर रहे है। जल्द ही सेक्टर 41 स्थित सफारी और जू में भेडिय़ा और हाईना देखने को मिलेगा। इनके लिए सफारी प्रबंधन जू में बाडा तैयार करवा रहा है।
जंगल सफारी के डिप्टी डायरेक्टर एम.मर्सीबेला ने कहा, सफारी स्थित मिनी जू को हाईटेक बनाया जा सके इसलिए विभागीय अधिकारियों को प्रपोजल बनाकर भेजा था। प्रपोजल को स्वीकृत मिल गई है। जल्द ही हम निर्माण कार्य शुरू करेंगे।
Published on:
16 Jul 2019 08:00 am
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