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सियासी बयान से हलचल! केजरीवाल भी जा सकते हैं BJP में, AAP पर भूपेश बघेल का हमला

Bhupesh Baghel Statement: भूपेश बघेल ने दावा किया कि AAP नेताओं का BJP में जाना उनकी मूल विचारधारा की वापसी है। केजरीवाल को लेकर भी बड़ा बयान, हालांकि किसी दल-बदल की आधिकारिक पुष्टि नहीं।

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सियासी बयान से हलचल (photo source- Patrika)

सियासी बयान से हलचल (photo source- Patrika)

Bhupesh Baghel Statement: राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब भूपेश बघेल ने आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की चर्चा इस बात का संकेत है कि पार्टी के नेता “अपनी मूल विचारधारा” की ओर लौट रहे हैं। हालांकि, इस तरह के किसी सामूहिक दल-बदल की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, जिससे यह मामला राजनीतिक बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप के दायरे में ही देखा जा रहा है।

Bhupesh Baghel Statement: “ओरिजनल पार्टी” में वापसी का दावा

मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की शुरुआत जिन लोगों के साथ हुई, उनका झुकाव पहले से ही एक खास विचारधारा की ओर रहा है। उनके मुताबिक, आज जो नेता भाजपा की ओर जा रहे हैं, वे किसी नई दिशा में नहीं जा रहे, बल्कि उसी विचारधारा की ओर लौट रहे हैं, जहां से उनकी राजनीतिक सोच की शुरुआत हुई थी।

केजरीवाल पर भी साधा निशाना

बघेल ने अरविंद केजरीवाल पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि अब सबकी नजर इस बात पर है कि वे आगे क्या कदम उठाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि केजरीवाल का शुरुआती जुड़ाव ऐसे मंचों से रहा है, जिनसे जुड़े कई लोग बाद में भाजपा या उससे जुड़े संगठनों के करीब माने जाते रहे हैं।

बघेल ने आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच वैचारिक समानता का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों के बीच कोई बड़ा अंतर नहीं है। उन्होंने इसे “बी टीम” की राजनीति करार देते हुए कहा कि यह घटनाक्रम चौंकाने वाला नहीं है, बल्कि पहले से ही संकेत मिलते रहे हैं।

Bhupesh Baghel Statement: राजनीतिक बयान या हकीकत?

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में इसे फिलहाल एक राजनीतिक बयान के तौर पर ही देखा जा रहा है, जो चुनावी माहौल या सियासी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो रहे हैं। दल-बदल, वैचारिक टकराव और चुनावी रणनीतियों को लेकर नेताओं के बयान लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं।