सावधान : जानें क्या है जामताड़ा गैंग का पैटर्न ! कैसे झांसा देकर कर लेते है करोड़ों की ऑनलाइन ठगी

- साइबर क्राइम ( cybercrime of Jamtara Gang) से बचना है तो आपको सावधान रहने की जरुरत है, मोबाइल में आये अनजान लिंक को क्लिक न करें।
- एटीएम कार्ड और बैंक खाता नंबर पूछकर होती है धोखाधड़ी।
- एटीएम के जरिए खाते में पैसा आने का झांसा देकर इस बार की ऑनलाइन ठगी।

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 21 Nov 2020, 12:04 PM IST

रायपुर। एटीएम के जरिए बैंक खाते में पैसा आने का झांसा देकर एक व्यक्ति से ऑनलाइन ठगी ( cybercrime of Jamtara Gang) कर ली गई। इसकी शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

पुलिस के मुताबिक सदर बाजार इलाके में रहने वाले उमाशंकर व्यास के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन किया और खुद को बैंक का कर्मचारी बताया। उसने उमाशंकर को बताया कि उनके एटीएम कार्ड में 6 हजार रुपए का फायदा हुआ है। ये पैसा आपके खाते में जाएगा। अपना एटीएम कार्ड नंबर बताओ।

बैंक का कर्मचारी मानकर उमाशंकर ने अपना एटीएम कार्ड (ATM Pin) नंबर बता दिया। इसके कुछ देर बाद उनके मोबाइल में ओटीपी (Mobile OTP) नंबर आया। ठग ने ओटीपी नंबर पूछा, तो उन्होंने ओटीपी नंबर भी बता दिया। इसके करीब 10 मिनट बाद उमाशंकर के बैंक खाते से लगातार 8 बार में 39 हजार रुपए का आहरण कर लिया। खाते से पैसे आहरण होने का मैसेज उन्हें नहीं मिला। इसके अगले दिन आरोपी ने फिर फोन किया और पूरे पैसे वापस करने का झांसा दिया। और इसके लिए बैंक खाता नंबर पूछा।

पीडि़त ने अपना बैंक खाता नंबर भी बता दिया। इसके कुछ देर बाद उनके बैंक खाते से 16 हजार 500 रुपए निकल गए। इस तरह आरोपी ठग ने 56 हजार 500 रुपए निकाल लिया। इसकी शिकायत पीडि़त ने बैंक में की। बैंक वालों ने राशि वापस आने का आश्वासन दिया, लेकिन पैसा वापस नहीं आया। इसके बाद उन्होंने कोतवाली थाने में मामले की शिकायत की। पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

जामताड़ा गिरोह का पैटर्न
एटीएम कार्ड नंबर ( cybercrime of Jamtara Gang) और ओटीपी पूछकर ठगी करने का तरीका झारखंड के जामताड़ा गिरोह का है। पुलिस को आशंका है कि इसमें भी इसी गिरोह का हाथ है। उल्लेखनीय है कि जामताड़ा गिरोह के ठगों ने ऑनलाइन ठगी की शुरुआत इसी तरह की थी। प्रारंभ में तरह-तरह के बहाने से ठग लोगों का एटीएम कार्ड नंबर पूछते थे। इसके बाद ओटीपी नंबर पूछकर ठगी करते थे।

बैंककर्मी बनकर करते हैं फोन
ऑनलाइन ठगी करने वाले अधिकांश ठग खुद को बैंककर्मी बताकर फोन करते हैं। ज्यादातर मामलों में तो ठग खुद को उसी बैंक का कर्मचारी बताते हैं, जिसमें उनका खाता होता है। इससे लोगों को ठगों पर आसानी से भरोसा हो जाता है और उससे ठगी का शिकार होते हैं।

लगातार आ रहे हैं मामले
ऑनलाइन ठगी ( cybercrime) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ठगी के तरीकों में भी लगातार बदलाव हो रहा है। मोबाइल एप डाउनलोड करवाकर, गूगल सर्च इंजन में कस्टमर केयर के नाम से अपना मोबाइल नंबर देकर, वेबसाइट में खरीदी-बिक्री, ओएलएक्स के जरिए आदि के नाम पर लगातर ऑनलाइन ठगी हो रही है। अधिकांश लोग जागरूकता की कमी के कारण ठगी के शिकार हो रहे हैं।

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