
एसपी संतोष की एेसे होती है फैमिली से मुलाकात।
ताबीर हुसैन @ रायपुर। लॉकडाउन की सफलता में पुलिस प्रशासन का अहम योगदान है। लोगों में कोरोना के प्रति जागरुकता नहीं है, ऐसे में प्रशासन की सख्ती जरूरी नहीं मजबूरी है। फील्ड में काम कर रहे अफसर परिवार से दूरी बनाकर चल रहे हैं। ये कोई फिल्मी सीन नहीं है कि मेजबान अपने मेहमान को सीऑफ करने निकला है। ये एक ऐसी हकीकत है जिसके बारे में जानकर आप एक आईपीएस व उसके परिवार के जज्बे को सलाम करेंगे। जी हां, ये हैं रायगढ़ के एसपी संतोष सिंह। हफ्ता बीत गया बच्चों को गोद में नहीं लिया। वजह है जिम्मेदारी। कोरोना के खिलाफ जंग में जुटे संतोष होम आइसोलेट होकर मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे हैं। जिले में सभी की सुरक्षा व कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी इनके कंधों पर है। अपनी ड्यूटी पूरी तरह से निभाते हुए छोटे बच्चे और उम्र दराज सास-ससुर है का भी ख्याल करते हुए खुद को बाहर वाले में होम आइसोलेट किए हुए हैं, जो आज हर किसी के लिए अनुसरण करने योग्य है। इन दिनों पुलिस अधिकारियों का कार्य पहले से काफी बढ़ गया है। वे रोजाना सुरक्षा संबंधी मीटिंग, प्रशासन के साथ राहत कार्यों व लॉकडाउन के उपायों की समीक्षा, रोजमर्रा के कार्य व अन्य विभागों से तालमेल बिठाने के साथ साथ लगातार फील्ड में दौरा कर रहे हैं ताकि पेट्रोलिंग, नाके और अन्य ड्यूटी में लगातार लगे सभी पुलिसकर्मियों को मोटिवेट कर सकें। वो रोड पर स्वयं सख्ती के लिए भी उतरते हैं और लोगों से अपील भी कर रहे हैं कि लोग घरों में रहें पुलिसकर्मियों को कहते हैं कि इन दिनों ड्यूटी के साथ-साथ स्वयं को एवं अपने परिवारजनों को इस भयावक कोरोनावायरस के संक्रमण से सावधानी रखते हुए मुक्त रखें । इसमें बिल्कुल लापरवाही ना बरतें ।
सालभर का बेटा दौड़कर आना चाहता है
घर में दो छोटे बच्चे हैं। उनका छोटा बेटा जो सिर्फ एक वर्ष का हैं, अपने पापा के देर रात घर मे ड्यूटी से आते ही दूर से देखकर दौड़ कर पास आने के जिद करता है, लेकिन वो उससे बचते हुए घर के बाहरी हिस्से के कमरे में चले जाते हैं। पुलिस अफसर फील्ड में रहते हैं, इन दिनों घर में सावधानी न बरती जाए तो परिवारजन पर संक्रमण का खतरा है इसलिए उनके सेहत की परवाह करते हुए उन्होंने अपने आवास के एक कमरे में खुद को आइसोलेट किए हुए हैं। वे मानते हैं की पब्लिक ड्यूटी सबसे ऊपर हैं, अगर वो संक्रमित हो भी तो परिवार को उनसे संक्रमण न हो।
पुलिसकर्मियों का वक्त मुश्किलभरा
आईपीएस अधिकारी ने बताया कि यह समय हम पुलिसवालों के लिए काफी मुश्किल भरा है परंतु समाज की सुरक्षा के साथ-साथ परिवार की सुरक्षा हर किसी की पहली जिम्मेदारी है इसलिए ऑफिस, थाना से जाने के बाद परिवारवालों से दूरी बनाकर खुद को होम आइसोलेट करने का प्रयास करें, मुश्किल है पर होगा ।
एएसपी की पत्नी व बच्ची रायपुर में
एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा की पत्नी व छोटी बच्ची लॉक डाउन के पूर्व 2 दिन के लिए रायपुर गए हुए थे, चाहते तो ए.एस.पी. अभिषेक वर्मा अपने पत्नी-बच्ची को रायगढ़ बुला सकते थे किंतु फील्ड अफ़सर होने के नाते जानते हैं कि वे फील्ड, ऑफिस से अपने शासकीय आवास में जायेंगे, इस दौरान छोटी बच्ची पिता के संपर्क में आयेगी जिससे बच्ची के स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव पड़ सकता है इसलिए अपनी पत्नी को रायपुर में ही अपनी और बच्ची की उचित देखरेख करने की सलाह देकर रायगढ़ आने से मना किया।।
अधिकारी से प्रेरित होकर टीआई हुए आइसोलेट
पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए नगर निरीक्षक एस.एन. सिंह भी अपने घर के अलग कमरे में होम आइसोलेट किए हुए हैं, उनकी भी एक छोटी बच्ची है । यह अच्छा है कि कुछ पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के साथ कई जिलेके अन्य बुद्धिजीवियों द्वारा इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष सावधानियां बरती जा रही है ।
Published on:
04 Apr 2020 12:01 pm
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