
रायपुर . गर्मी का दिन आते ही बड़ी मात्रा में बर्फ का उपयोग होने लगता है। ठंड के कारण लोग बर्फ का उपयोग करते हैं। कुल्फी, गन्ना रस, बर्फ गोला सहित अन्य प्रकार से खाने के लिए बर्फ का उपयोग किया जाता है, लेकिन यहां बर्फ निर्माण में भारी लापरवाही बरती जाती है। जी हां गर्मी के दिनों में लाखों रुपए का बर्फ का उपयोग होता है, लेकिन आपको जानकारी हैरानी होगी कि जिस पानी से बर्फ बनाया जाता है। वह पानी बेहद गंदा होता है। यानी लोगों के सामने अमानक बर्फ परोसा जा रहा है। अगर आप बर्फ का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए...
अमानक बर्फ का निर्माण दूषित पानी से किया जा रहा है। इसके बाद भी खाद्य औषिधी विभाग बर्फ फैक्ट्रियों की जांच करने की अभी तक योजना ही बनाई है। गर्मी भीषण रुप धारण कर चुका है। हर दिन लाखों के बर्फ का कारोबार चल रहा है, लेकिन बर्फ की क्वालिटी पर किसी का कोई ध्यान नहीं है। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। क्योंकि बर्फ फैक्ट्रियों में जिस पानी से बर्फ का निर्माण होता है, उस बर्फ की क्वालिटी ठीक नहीं रखी है।
तीन साल से नहीं हुई जांच
तीन साल से बर्फ फैक्ट्रियों की खाद्य औषधि विभाग ने जांच तक नहीं की है। जबकि खाद्य औषधि विभाग को साल में तीन से चार बार जांच करना चाहिए। खाद्य औषधि विभाग ने अभी तक बर्फ फैक्ट्रियों की जांच का अभियान शुरू नहीं किया है। जबकि गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। लेकिन खाद्य औषधि विभाग ने अभी तक किसी भी बर्फ फैक्टिरी की जांच नहीं की है। शहर में दर्जनों बर्फ फैक्ट्रियां संचालित हो रही है। लेकिन एक भी फैक्ट्रिरी में बर्फ सैम्पल तक नहीं लिए गए हैं। डॉक्टर भी फैक्ट्रियों के बर्फ का उपयोग आम जनता को नहीं करने की समझाईश दे रहे हैं।
अशुद्ध पानी का हो रहा उपयोग
बर्फ फैक्ट्री में गंदे पानी से बर्फ बनाने का काम किया जा रहा है। गंदे पानी से बने बर्फ में अनेक प्रकार के कीटाणु मौजूद होते हैं। बर्फ का निर्माण फिल्टर किए गए पानी से करना होता है, लेकिन बर्फ फैक्ट्रियों में बिना फि ल्टर किए पानी से बर्फ का निर्माण किया जा रहा है। गर्मी के मौसम में बर्फ की मांग बडऩे से सामान्य पानी से बर्फ का निर्माण हो रहा है। इसके बाद भी खाद्य औषधि विभाग जांच करने कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
Updated on:
27 Mar 2018 05:01 pm
Published on:
27 Mar 2018 04:59 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
