उनका दावा है कि खरीदी केन्द्रों पर जो धान शेष दिख रहा है वह पूरी तरह से नष्ट हो चुका है, इस धान की कुल लागत 166 करोड़ 56 लाख रुपए होती है। उनका आरोप है कि कुल मिलाकर 1 हजार 37 करोड़ 55 लाख रुपए का धान खराब हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री और राज्यपाल से मांग की है कि इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर खाद्य मंत्री को पद से हटाया जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, इस मुद्दे को विधानसभा उठाएंगे और इसकी शिकायत लोकायुक्त से भी करेंगे।