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बस्तर में जीवनदायिनी साबित हुई महतारी एक्सप्रेस, 18 नवजातों का जन्म एंबुलेंस में हुआ

बस्तर जिले में 6, कांकेर, सुकमा में 5 नवजातों का हुआ एम्बुलेंस में जन्म, कर्मियों की सूझबूझ ने प्रसूता और नवजातों को दिया नया जीवन।

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जगदलपुर। महतारी सुविधा प्रसुताओं के लिए संजीवनी साबित हो रही है। दूरदराज के ग्रामीण इलाक ों में जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच नहीं हैँ यही सेवा कारगर है। संस्थागत प्रसव को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने चल रही महतारी एक्सप्रेस 102 एंबुलेंस सेवा में ना सिर्फ प्रसूता को अस्पताल और अस्पताल से घर लाने की सुविधा दी जा रही है, बल्कि एंबुलेंस कर्मियों की सूझबूझ और प्रशिक्षण से जच्चा और बच्चा को नई जिंदगी भी मिल रही है। बीते एक वर्ष (अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक) में एंबुलेंस कर्मियों की बदौलत महतारी 102 एंबुलेंस में ही 18 नवजातों का जन्म हुआ और जच्चा और बच्चा के जीवन की रक्षा भी हुई।

102 महतारी एक्सप्रेस के अधिकारियों ने बताया कि 23 अगस्त 2013 से गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैय्या कराने के लिए 102 महतारी एक्सप्रेस सेवा शुरू हुई। वर्तमान में प्रदेश के 28 जिलों में 324 एंबुलेंस के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं। 102 महतारी एक्सप्रेस कॉल सेंटर में (102 डायल कर) सेवा का लाभ लिया जा सकता है।

सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे हितग्राहियों को सेवा उपलब्ध कराई जाती है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्र हो या फिर शहरी क्षेत्र, एंबुलेंस कर्मी पूरी तरह अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। किसी भी प्रकार की प्रसव संबंधी सहायता, प्रसव पूर्व जांच के लिए 102 महतारी एक्सप्रेस सेवा का लाभ 102 टोल फ्री नंबर पर कॉल करके लिया जा सकता है। कोरोना काल में भी जब लोग घर से निकलने में डर रहे थे तब भी महतारी एक्सप्रेस 102 के कर्मचारी गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने का कार्य कर रहे थे। उनके द्वारा संक्रमित गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को भी उपचार के लिए अस्पताल तक पहुंचाया गया है।