
महतारी वंदन योजना (Photo AI)
Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके परिवार को आर्थिक मजबूती देने के उद्देश्य से शुरू की गई महतारी वंदन योजना लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। इस योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सकें। योजना का लाभ मिलने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की लाखों महिलाओं को राहत मिली है। वहीं अब योजना में E-KYC लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। आपको बता दे महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को किया गया था। योजना के तहत राज्य की पात्र विवाहित महिलाओं को आर्थिक सहायता के रूप में प्रतिमाह 1,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं।
योजना शुरू होने के बाद महिलाओं को सरकारी नौकरी मिल गई, कुछ हितग्राहियों ने स्वेच्छा से योजना छोड़ दी, जबकि कई लोगों द्वारा दो-दो आवेदन किए गए थे। ऐसे मामलों की पहचान कर राशि रोकने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा शासकीय सेवा के प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों द्वारा भी लाभ लेने के मामले सामने आए हैं। कुछ ऐसे आवेदन भी मिले हैं, जिनमें प्रदेश की निवासी नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ लिया जा रहा था।
महिला एवं बाल विकास विभाग के मुताबिक 85 प्रतिशत से अधिक हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अपात्र और मृत हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और जिन लोगों ने गलत तरीके से लाभ लिया है, उनसे राशि की वसूली भी की जा रही है। कुल 65.30 लाख हितग्राहियों में से करीब 55.99 लाख महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है। अकेले रायपुर जिले में 4.27 लाख से अधिक हितग्राही योजना में शामिल हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए लगातार सत्यापन और ई-केवाईसी अभियान चलाया जा रहा है। योजना का पहला चरण नवंबर में शुरू हुआ था, जिसमें 4.18 लाख हितग्राहियों को शामिल किया गया। दूसरे चरण की प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होकर 30 जून तक चलेगी। इसके बाद हितग्राहियों को बाल विकास परियोजना कार्यालयों में जाकर सत्यापन कराना होगा। यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक जारी रहेगी।
प्रदेश में ई-केवाईसी की स्थिति देखें तो बलौद जिले में सबसे अधिक 93.22 प्रतिशत हितग्राहियों का सत्यापन हुआ है। वहीं कबीरधाम, बलौदाबाजार, कोरबा और रायगढ़ जिले भी शीर्ष पांच में शामिल हैं। दूसरी ओर बस्तर संभाग के जिलों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में ई-केवाईसी का प्रतिशत काफी कम है। अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता की कमी, तकनीकी दिक्कतें, इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या और दूरस्थ क्षेत्रों में संसाधनों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।
महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के ई-केवायसी कार्य में अनियमितता और शुल्क वसूली की शिकायतों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। महासमुंद जिले में ई-केवायसी के एवज में हितग्राहियों से राशि मांगने के आरोप में 4 सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक कर दी गई है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर प्रोजेक्ट मैनेजर रायपुर की टीम ने जांच की। जांच में शिकायतें सही पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महतारी वंदन योजना अंतर्गत ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी प्रकार की राशि लेना नियम विरुद्ध है।
जब महतारी वंदन योजना की किस्त जारी होने पर जब महिलाओं के अकाउंट में पैसे पहुंचते हैं, तो उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS आता है। वहीं, अगर आपके पास पैसे आने का मैसेज नहीं आया है तो आप इसे ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए कुछ स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं।
सबसे पहले महतारी वंदन योजना के आधिकारिक पोर्टल https://mahtarivandan.cgstate.gov.in/ पर जाएं।
इसमें आपको ‘आवेदन एवं भुगतान स्थिति’ के टैब पर क्लिक करना होगा।
अब अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालकर अपने अकाउंट की जानकारी चेक कर सकते हैं।
इसके अलावा लाभार्थी महतारी वंदन योजना मोबाइल ऐप पर भी जाकर राशि चेक कर सकते हैं ।
Updated on:
27 May 2026, 4:23 PM IST
Published on:
27 May 2026, 4:22 PM IST
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