
रायपुर के दो दुकानों में निकले कंकाल ही कंकाल, देख उड़ गए लोगों के होश, इस काम में होता था इस्तेमाल
रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दो दुकानों से बड़े पैमाने पर कंकाल मिले हैं। वन विभाग की कार्रवाई में इस बात का खुलासा हुआ। इतने बड़े पैमाने पर कंकाल मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। खबरों के अनुसार वन विभाग द्वारा जब्त कंकाल जानवरों के बताए जा रहे हैं। वन विभाग से पूरे मामले को वन्य जीवों के अंगों की तस्करी से जोड़कर जांच कर रही है।
दरअसल, दिल्ली वन विभाग की टीम को सूचना मिली कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में वन्य जीवों के अंगों की बड़े पैमाने पर तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने बुधवार को गोल बाजार के दो दुकानों में छापा मारा तो वहां बड़े पैमाने पर वन्य जीवों के कंकाल मिले हैं।
वन विभाग की टीम को जब्त वन्य जीवों के अंगों में गोह और मॉनिटर लिजार्ड (छिपकली) के अंगों का हिस्सा मिला है। गोह और मॉनिटर लिजार्ड राजस्थान और उत्तर प्रदेश के गर्म और सूखे इलाके में मिलती है। जानकारी के अनुसार ये वन्य जीव संरक्षित जीव-जंतुओं की सूची में शामिल हैं। इन वन्य जीवों के शिकार या खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। साथ ही इसको मारने और अवशेष रखने पर सात साल तक की सजा है।
बतादें कि तांत्रिक या तंत्र साधना में इन वन्य जीवों के अंगों या कंकाल का इस्तेमाल करते हैं। माना जा रहा है कि तंत्र-मंत्र के नाम पर इन वन्य जीवों की खरीद-फरोख्त हो रही थी। यहां रायपुर में भी वन्य जीवों के अंगों के तस्करी पिछले कई सालों से चल रहा है। फिलहाल जांच टीम ने वन्य जीवों के अंगों या कंकालों को जब्त कर लिया है।
Updated on:
29 Aug 2018 08:34 pm
Published on:
29 Aug 2018 08:32 pm
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