
तीजा म कौसल्या माता के चंदखुरी आगमन
छत्तीसगढ़ी म कहावत हे- ‘राखही राम त लेगही कोन अउ लेगही राम त राखही कोन।’ गजब दिन बाद ए कहावत के मरम ल जाने के मौका दिस चंदखुरी के पंडवानी गायिका प्रभा यादव ह। चंदखुरी ह माता कौसल्या के मंदिर के नाव से जगभर म जाने जात हे। उही गांव के बेटी प्रभा यादव ह चित्रोपला लोककला परिसद के परमुख भाई राकेस तिवारी अउ छत्तीसगढ़ के जाने-माने कलाकार पुरुसोत्तम चंद्राकर, नरेन्द्र यादव संग मिल के बड़े संकल्प ल पूरा करत हें।
छत्तीसगढ़ म तीजा के महत्तम ल सब जानथें। छत्तीसगढ़ म जउन तीजा तिहार होथे वोहा अनोखा हे। देस के दूूसर प्रान्त म ए ढंग के तीजा नइ मनाए जाय। दूसर प्रांत के बेटीमन छत्तीसगढ़ के घर म बहू बनके आए हें उहूमन अब छत्तीसगढ़ परंपरा के मान राखे बर अपन मइके जात हें। दूसर प्रांत म तीजा म बेटी ल ससुरार ले लिह के लाने के व परंपरा नइए। उपास -धास रहि के मइके के अमोल लुगरा पाय के रिवाज छत्तीसगढ़ म हे।
दूसर प्रान्त के जउन बेटीमन छत्तीसगढिय़ामन संग बिहाव करके छत्तीसगढ़ी बहू बने हें, उहूमन अब उपास रहिथें। अपन मइके जाथें। माता कौसल्या छत्तीसगढ़ के राजा भानुमंत के बेटी ए। राजा दसरथ संग वोकर बिहाव होइस। छत्तीसगढ़ ल दक्छिन कोसल केहे जाथे । राजा दसरथ के एक रानी सुमात्रा ले आय रिहिस त वोहा सुमित्रा कहइस। कैकय के राजा के बेटी कैकई कहइस। छत्तीसगढ़ माने दक्छिन कौसल के बेटी कौसल्या कहइस।
छत्तीसगढ़ के बेेटी कौसल्या के चंदखुरी म बड़े मंदिर हे। बैदराज सुखेन अउ माता कौसल्या के गांव के रूप म चंदखुरी बिख्यात हे। त छत्तीसगढ़ के बेटी कौसल्या तीजा म अपन मइके आवय ए संसो प्रभा यादव अउ कलाकार राकेस तिवारी ल सिरीराम के असीस के परभाव म होइस।ं भगवान सिरीराम अपन महतारी कौसल्या संग तीजा म छत्तीसगढ़ आवत रिहिस होही त धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ी ल जानिस समझिस होही। बाद म जब वनवासकाल म 10 बछर छत्तीसगढ़ ब बितइस त ए भासा गियान ह सब संग जुरे मिले म काम आइस। सबरी माता संग मिलके भगवान राम ह छत्तीसगढ़ी म बात करिस होही।
सिरीराम के ममियारो के भासा छत्तीसगढ़ी के कलाकार संगवारीमन बड़े कारज ला हाथ म लेके इतिहास बनाय बर अयोध्या गिन। पुरुसोत्तम चंद्राकर अउ नरेन्द्र यादव रोटी-पीटा धर के कौसल्या माता ल तीजा लिहे बर अयोध्या गिन अउ राजा दसरथ से हुकुम लेके , उहां के माटी लेके छत्तीसगढ़ आइन। वो माटी से माता कौसल्या के मूरति बनही अउ माता कौसल्या तीजा उपास रइही, ए भाव ल लेके कारज करे के बड़े उदिम कलाकार साथीमन जमाय हें।
राकेस तिवारी अउ कलाकारमन तीजा तिहार ल चार दिन के बड़े तिहार बनाय के जोखा मड़ाय हें। चार दिन तक कौसल्या माता के बंदना के गीत गाए जाही। छत्तीसगढ़ महतारी के जस गाए जाही। छत्तीसगढ़ सरकार हा राम वनगमन पथ के सुग्घर काम ला हाथ म लेके नाव कमावत हे। कौसल्या धाम चंदखुरी म रोज दरसन करे बर चारोंमुड़ा के मनखे जाथे। कौसल्याधाम छत्तीसगढ़ के नवा अइसे धाम बनगें जइसन पूरा दुनिया म दूसर अउ उदाहरन नइए।
छत्तीसगढ़ बर ऐहा बड़े काम ए। इहां रमायन मेला रामकथा होथे। भगवान राम ह छत्तीसगढ़ के कन-कन म बसे हे। जउन ढंग से छत्तीसगढ़ ह सिरीराम ल सुमरथे ओ ढंग अनोखा हे। छत्तीसगढ़ के नामी गांव चंदखुरी ह नवा इतिहास बनावत हे। कलाकार साथीमन तीजा तिहार म माता कौसल्या ल लिह के लान के जउन बड़े काम करे हें, काल इंकरो काम के पूजा होही। सरकार ल रद्दा बताय के काम कलाकार, साहित्यकारमन ल करना चाही। सरकार ह तीजा के महत्तम ल जानथे। हम सब आस करत हन के ए सरकार ह तीजा के मौका म माता कौसल्या के आसिरवाद ले बर इहू काम ल आगू बढ़ाही।
Published on:
04 Sept 2023 03:56 pm
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