27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रायपुर से मुंबई ले जा रहे हवाला के करोड़ों रुपए पार, एसआइ समेत 3 पुलिसकर्मी गिरफ्तार

करोड़ों की हवाला की रकम बीच रास्ते में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा हाथ साफ कर दिया गया

3 min read
Google source verification
Money Robbery

Money Robbery

रायपुर . रायपुर से सडक़ मार्ग से ले जाई जा रही करोड़ों की हवाला की रकम बीच रास्ते में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा हाथ साफ कर दिया गया। हवाला का यह पैसा रेनाल्ड डस्टर कार में बनाए गए एक गुप्त लॉकर में रखकर मुंबई भेजा जा रहा था, लेकिन नागपुर की नंदनवन पुलिस ने हवाला के इस करोड़ों रुपए के संज्ञान में आने के बाद एक बड़ी साजिश रची और उसमें से 2 करोड़ 54 लाख 92 हजार 800 रुपए पर हाथ साफ कर बाकी पैसे की बरामदगी दिखा दी। नागपुर पुलिस की करतूत का पर्दाफाश होने के बाद शनिवार को एक सब इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों पर लूट का मुकदमा कायम कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

ऐसे खुला राज : हवाला के कारोबार में लूट का खुलासा तब हुआ जब दो दिनों पूर्व महज 6 महीने पहले खोली गई कंपनी मैपल ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के दो निदेशक खंजन जगदीशभाई ठक्कर और अली मोहम्मद हुसैन अली जिवानी ने पुलिस को रिपोर्ट लिखाई कि कार में रखे गए कुल 5 करोड़ 73 लाख रुपए हमारे हैं, जो रायपुर से भेजे रहे थे। निदेशकों के इस दावे के बाद पुलिस के होश उड़ गए। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने पुलिसकर्मियों द्वारा अलग-अलग ठिकानों पर छिपा कर रखी गई रकम को बरामद कर लिया।

वहीं रायपुर से रकम लाने वाले आरोपी राजेश वामनराव और नवनीत नरेंद्र जैन को जब्त रकम के साथ आयकर विभाग और इडी अधिकारियों के हवाले कर दिया है। महाराष्ट्र पुलिस और आयकर विभाग फिलहाल इस बात का पता लगा रहे हैं कि जो रकम भेजी गई है, वो छत्तीसगढ़ के किस कारोबारी की है।

एेसे रची साजिश : पत्रिका को जानकारी मिली है कि नागपुर पुलिस के दो अधिकारियों को पहले से ही सूचना मिल गई थी कि रायपुर के एमआइडीसी क्षेत्र से नागपुर के वर्धमाननगर के एक सराफा व्यापारी को डस्टर कार में हवाला की बड़ी रकम रवाना की गई है। वाहन को प्रजापति नगर चौक में रोका गया। डस्टर कार एमएच 31 एफए 4611 को जब एक थाने की पुलिस ने पकड़ा तभी वहां पर दूसरे थाने की पुलिस भी आ धमकी थी। मगर अधिकारी ने यह कहकर की यह गाड़ी पुलिस हत्या के आरोपी की है, वहां से निकल गया। इस दौरान बीच रास्ते में ही नकदी दूसरे कार में स्थानांतरित कर दी गई। बाकी पैसे के साथ कार थाने में खड़ी कर दी गई, जो पैसा दिखाया गया वो भी इतना ज्यादा था कि उसकी काउंटिंग के लिए पांच-पांच मशीनें लगानी पड़ीं।

दिलचस्प यह था कि पुलिस के अधिकारियों ने रायपुर से यह रकम लेकर आने वालों को छोड़ दिया था। लेकिन हवाला की इस रकम में हुई लूट में पुलिस के शामिल होने की बात सामने आने के बाद मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर उनको भी धर दबोचा गया, जो कार से पैसा लेकर रायपुर से मुंबई चले थे।

रायपुर पर टिकी निगाहें : इस मामले में अजनी पुलिस स्टेशन के पीआइ शैलेश सांखे ने पत्रिका को बताया कि फिलहाल हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह पैसा रायपुर से किसके माध्यम से भेजा जा रहा था? जिस कार से पैसा भेजा गया उसके बारे में पता चल गया है कि वो नागपुर के एक व्यवसायी की है। नागपुर पुलिस को संदेह है कि यह रकम जिस पर मैपल ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हवाला की रकम को एक नंबर में साबित करने के लिए ही सामने आए हैं।

पत्रिका द्वारा रायपुर के तकरीबन आधा दर्जन छोटे बड़े ज्वेलरों से मैपल ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड और उनके निदेशकों के बारे में जानकारी मांगी गई मगर किसी ने इस कंपनी के साथ व्यवसाय या फिर नामों की शिनाख्त नहीं की। नागपुर पुलिस का कहना है कि रायपुर से देश के अन्य शहरों में हवाला का यह कारोबार लम्बे समय से जारी था। वहीं आयकर विभाग ने छत्तीसगढ़ पुलिस और रायपुर में मौजूद अधिकारियों से मेपल और उनके निदेशकों के लेनदेन की जानकारी मांगी है।

नागपुर पुलिस व क्राइम ब्रांच डीसीपी सेम काड ने बताया कि हम इस मामले की जांच कर रहे हैं। हम अपनी टीम रायपुर इन्वेस्टिगेशन के लिए भेज रहे हैं ।