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छह माह में नहीं रखी जा सकी 100 बिस्तर अस्पताल की नींव

दल्लीराजहरा में 100 बिस्तर अस्पताल की दस साल बाद भी आज तक नींव तक नहीं रखी जा सकी है। 6 माह पहले जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है।
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बालोद

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Chandra Kishor Deshmukh

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Updated: 7 May 2018, 9:00 AM IST

100 beds hospital

बालोद/दल्लीराजहरा. नगर में 100 बिस्तर अस्पताल की दस साल बाद भी आज तक नींव तक नहीं रखी जा सकी है। छह माह पहले बीएसपी और शासन के बीच जमीन की रजिस्ट्री भी हो चुकी है, फिर भी जनता को अस्पताल के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इस लेटलतीफी को लेकर लोगों में शासन के प्रति नाराजगी है।

रजिस्ट्री 13 दिसंबर 2017 में हुई
ज्ञात रहे कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने 100 बिस्तर अस्पताल की घोषणा कर दी थी। शासन के पास शासकीय जमीन नहीं होने से कई बाधाएं उत्पन्न हो रही थी। इसके बाद बीएसपी ने राजहरा माइंस में पूर्व में संचालित हाईस्कूल क्रमांक तीन की पांच एकड़ जमीन रजिस्ट्री कर शासन को सौंपी दी है। यह रजिस्ट्री 13 दिसंबर 2017 में हुई। रजिस्ट्री पर कलक्टर डॉ. सारांश मित्तर एवं बीएसपी की ओर से एजीएम माइंस एसके मिश्रा ने हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद भी अब तक नींव नहीं रखी गई है।

एक भी शासकीय अस्पताल नहीं
लगभग 45 हजार की आबादी वाले इस नगर मेें एक भी शासकीय अस्पताल नहीं होने के कारण लोगों को निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है। माइंस क्षेत्र होने के कारण यहां मजदूरों की संख्या ज्यादा है। शासकीय अस्पताल नहीं होने के कारण मजदूरों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता है। कई मौकों पर उन्हें आर्थिक परेशानी से भी जूझना पड़ता है।

आदिवासी अंचल के लोगों को भी होगा लाभ
अस्पताल के निर्माण होने से राजहरा नगर के साथ आदिवासी विकासखंड डौंडी की जनता को सस्ती और अच्छी चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा। लोगों को दूरस्थ शहर जैसे दुर्ग , रायपुर , भिलाई, नागपुर आदि के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। आदिवासी अंचल में ही उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो जाने से गरीब आदिवासियों को अपने इलाज व आर्थिक रूप से नहीं जूझना पड़ेगा।

वर्षों से है इंतजार 100 बिस्तर अस्पताल का
20 वर्षों से विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, श्रमिक यूनियनों एवं नगर पालिका के जन प्रतिनिधियों ने समय-समय पर मु?यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, विधायक, कलक्टर को मांगपत्र सौंपा। शासकीय अस्पताल नहीं होने के कारण जनता को होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। जिस पर लगभग 10 वर्ष पूर्व अपने विकास यात्रा के दौरान मु?यमंत्री ने राजहरावासियों को 100 बिस्तर अस्पताल की सुविधा मुहैया कराने की घोषणा की थी, यह घोषणा अब तक पूरी नहीं हुई है।

शासकीय जमीन का अभाव
दल्ली राजहरा में एक ओर बीएसपी व दूसरी ओर रेलवे की जमीन है। नगर पालिका के पास स्वयं की जमीन नहीं होने के कारण यहां विभिन्न विकास कार्यों में बाधाएं सामने आती हंै। इसे देखते हुए तमाम जनप्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाते हुए भीएसपी की खाली जगह पर अस्पताल निर्माण की मांग की। शासन स्तर पर बीएसपी के पत्र भेज कर जमीन मांगी गई। अब बीएसपी ने हाईस्कूल क्रमांक तीन की खाली पड़ी 2.04 हेक्टेयर (पांच एकड़) जमीन नि:शुल्क शासन को हस्तांतरित कर दी।

शासन तेजी से करे काम
नगरपालिका अध्यक्ष काशीराम निषाद ने कहा कि 100 बिस्तर अस्पताल के लिए बीएसपी से जमीन मिल गई है। छह माह के बाद भी प्रदेश सरकार ने अस्पताल निर्माण के लिए कोई पहल नहीं की है, जबकि शासन को चाहिए था कि जमीन हस्तांतरण के तुरंत बाद अस्पताल निर्माण से संबंधित सभी शासकीय कार्यवाही को तेज कर अब तक पूरा कर लिया जाना था और अस्पताल निर्माणकी नींव रख दी जानी थी।