
रायपुर. महंगे पेट्रोल-डीजल पर लोगों को राहत दिए जाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) घटाने की गई अपील का छत्तीसगढ़ से वास्ता नजर नहीं आ रहा है। कैबिनेट बैठक में इस विषय को दूर रखने के बाद सोमवार को प्रदेश के वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल ने भी साफ कर दिया कि पेट्रोल-डीजल से वैट की दरों को घटाने का अभी कोई इरादा नहीं है।
भाजपा के एकात्म परिसर कार्यालय में पत्रकारों से अग्रवाल ने कहा, राज्य में वैट की दर दूसरे राज्यों की तुलना में कम है। इसकी वजह से पेट्रोल-डीजल अपेक्षाकृत सस्ता है।
केंद्र की अपील से बनाई दूरी
पिछले सप्ताह केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यों से वैट की दर कम कर उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कहा था। बताया जा रहा है, चुनाव वाले राज्यों में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भी एेसा करने के लिए कहा था। इससे लोगों को उम्मीद थी कि वैट की दर २ से ५ प्रतिशत तक कम की जा सकती है। लेकिन कैबिनेट बैठक में वाणिज्यिक कर मंत्री ने इससे काफी नुकसान होना बताया। इससे ईंधन की कीमत घटाने के फैसले पर विचार ही नहीं किया गया।
अब भी दिल्ली-ओडिशा से महंगा
मंत्री अग्रवाल ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की दरें सबसे कम हैं। जबकि पड़ताल में सामने आया कि पड़ोसी राज्य ओडिशा और दिल्ली में पेट्रोल-डीजल की दरें काफी कम हैं। हालांकि पड़ोसी महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात में यह छत्तीसगढ़ से महंगा है।
जीएसटी से राजस्व का नुकसान पर आगे होगी प्रगति
मंत्री अग्रवाल ने कहा, जीएसटी लागू होने से भले ही देश के तमाम राज्यों को राजस्व में नुकसान हो रहा हो, लेकिन इससे जीएसडीपी बढ़ेगी। सालभर बीत जाने दीजिए देश की प्रगति तेजी से होगी। इससे ब्लैकमनी नहीं बढ़ेगी। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा, वह हमेशा तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करती रही है।
Published on:
10 Oct 2017 10:13 am
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