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विधानसभा का मानसून सत्र: भाजपा विधायक ने मंत्री से हाथ जोडक़र कहा- महाराज…घुमाना बंद करिए

किसानों के मुआवजे पर भिड़े मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डे व विधायक सांवलाराम डाहरे

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विधानसभा का मानसून सत्र: भाजपा विधायक ने मंत्री से हाथ जोडक़र कहा- महाराज...घुमाना बंद करिए

रायपुर. विधानसभा में शुक्रवार को अजीबो-गरीब स्थिति देखने को मिली। भाजपा के विधायक सांवलाराम डाहरे को उनकी अपनी ही पार्टी के मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डे के सामने हाथ जोडक़र कहना पड़ा- महाराज... किसानों का मामला है घुमाना बंद करिए। दरअसल प्रश्नकाल में सांवलाराम डाहरे ने दुर्ग जिले में भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों के बारे में जानना चाहा था। जवाब में मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डे ने कहा कि कोई भी प्रकरण नहीं है। जानकारी निरंक है। मंत्री की बात सुनकर सांवलाराम ने कहा कि आज सुबह ही उनके घर किसान आए थे। सडक़ निर्माण के दौरान लगभग ९७ किसान प्रभावित हुए थे और उनके मुआवजे का प्रकरण कलक्टर कार्यालय में लंबित है। उन्होंने सदन में बताया कि अब भी 22 किसान मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। ऐसे में जानकारी निरंक कैसे हो गई? जवाब में मंत्री ने कहा कि सभी जमीन आपसी सहमति से ली गई है। इसलिए भू- अर्जन का मामला कैसे हो गया। रजिस्ट्री के बाद पैसा मिल जाएगा। मंत्री ने जब इस सवाल को दो-तीन बार बताया तो सांवलाराम ने हाथ लिए और कहा- महाराज घुमाना बंद करिए।

कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने कहा कि बस्तर और सरगुजा सुरक्षित नहीं है। सेवानिवृत्त अधिकारी आकर हमारे अधिकारों की बात करते हैं, तो उन्हें जेल भेज दिया जाता है। वहीं, विधानसभा में घूम-घूमकर तंत्रमंत्र क्रिया करने वालों को जेल नहीं भेजा जाता है। नि:शुल्क स्मार्टफोन वितरण को लेकर उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासियों को मोबाइल की जगह नौकरी देनी चाहिए, क्योंकि मोबाइल नागर जोतने के काम नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि मोबाइल बांटने से पहले वृद्धों को एक हजार रुपए पेंशन देना चाहिए। हमारी सरकार बनेगी तो हम वृद्धों को एक हजार रुपए देंगे।

सरकार पर अविश्वास नहीं, बल्कि विश्वास व्यक्त किया : कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, अविश्वास प्रस्ताव में सरकार के ऊपर विश्वास व्यक्त किया गया। आपने मंत्री और सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाए हैं। एेसे लग रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव बनाने वालों को पेपर की कटिंग देकर बैठा दिया गया हो। एेसा कोई भी बिंदु नहीं है, जिसका पिछले १५ सालों में जवाब नहीं दिया गया हो। अविश्वास प्रस्ताव के बिंदु क्रमांक नौ में आरोप है कि सरकारी कंपनियों का निजीकरण किया जा रहा है। जबकि, यह हमारा विषय ही नहीं है। यह अविश्वास प्रस्ताव बेहद लच है। अविश्वास प्रस्ताव नजीर होना चाहिए। यह आने वाले पीढि़यों के लिए दस्तावेज बनते हैं।

डिग्रीधारी बेरोजगारों का मामला गूंजा विधानसभा में डिग्रीधारी युवाओं को रोजगार नहीं दिए जाने का मामला कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम ने उठाया। कहा- प्रदेश में बीई व एमई डिग्रीधारी युवा भी रोजगार के लिए भटक रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि डिग्रीधारी युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वालंबन योजना संचालित है। कई युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है। सरकार प्लेसमेंट के अलावा युवाओं को टे्रंड भी कर रही है। लोक निर्माण विभाग में बेरोजगार इंजीनियर पंजीयन करवा कर एक करोड़ तक का ठेका भी हासिल कर रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि 2015 से लेकर 2017- 18 की स्थिति में प्रदेश में नौ लाख 92 हजार 591 बेरोजगारों का पंजीयन किया गया है। इस अवधि में केवल 5240 लोगों को ही रोजगार मिल पाया। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के सवाल के जवाब में बताया कि प्रदेश में वर्ष 2014 से 15 जून 2018 की स्थिति में बेरोजगारों की संख्या 14 लाख 25 हजार 264 हो गई है।

अविश्वास प्रस्ताव की शुरुआत करने हुए कांग्रेस सदस्य धनेन्द्र साहू ने कहा, सरकार के कुछ मंत्री दम भरते थे कि हमारी सरकार धर्मरता सरकार है। कभी अकाल नहीं पड़ा है। तीसरे साल में लगातार अकाल पड़ा है। अभी भी बारिश नहीं हो रही है। सरकार ने ९६ तहसीलों को सूखा घोषित किया है। सरकार के पाप के कारण सूखा पड़ रहा है। उन्होंने कहा, सरकार जन भावना के विपरीत काम कर रही है। जनहित में जो वादें किए गए थे, उसे पूरा करना चाहिए। सरकार के पास अपने कर्मचारियों के लिए पैसा नहीं है, लेकिन वोट लेने मोबाइट बांटने के लिए पैसा है।