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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी १४वें वित्त की राशि का दुरुपयोग

बिलाईगढ़ ब्लॉक के अनेक ग्राम पंचायतों में 14वें वित्त की राशि का खुलकर दुरुपयोग किया जा रहा है। करोना महामारी के बचाव के लिए 14वें वित्त की राशि का जनपद कार्यालय में गठित समिति के अनुमोदन पश्चात व्यय किए जाने का नियम है, लेकिन ब्लॉक के पंचायतों में नियम का पालन नहीं किया जा रहा है।

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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी १४वें वित्त की राशि का दुरुपयोग

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी १४वें वित्त की राशि का दुरुपयोग

बिलाईगढ़. अनुविभाग मुख्यालय बिलाईगढ़ के अधिकांश ग्राम पंचायतों में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 14वे वित्त की राशि का दुरुपयोग पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के बाद भी जवाबदार अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग नहीं किए जाने से उनकी भूमिकाओं पर भी सवाल उठ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलाईगढ़ ब्लॉक के अनेक ग्राम पंचायतों में 14वें वित्त की राशि का खुलकर दुरुपयोग किया जा रहा है। करोना महामारी के बचाव के लिए 14वें वित्त की राशि का जनपद कार्यालय में गठित समिति के अनुमोदन पश्चात व्यय किए जाने का नियम है, लेकिन ब्लॉक के पंचायतों में नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। पंचायत सचिव एवं सरपंचों द्वारा मनमाने ढंग से खरीदी कर लाखों रुपए का भुगतान कर शासकीय राशि का बंदरबांट किया जा रहा है जो कि जांच का विषय है।
साबुन, हैंडवाश, मास्क, सैनिटाइजर का थोक में किया क्रय
यहां यह बताना लाजिमी है कि अनेक सरपंचों से पूछने पर नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि क्षेत्रीय विधायक के दबाव में जनपद उपाध्यक्ष के निवास सरसींवा में संक्रमण से बचाव के लिए साबुन, हैंड वास, मास्क एवं सैनिटाइजर थोक में सरपंचों द्वारा क्रय किया गया है। सरपंचों ने बताया कि 18 से 20 हजार का सामान दिया गया है और 50-50 हजार रुपए भुगतान के लिए कहा गया है। वहीं ब्लॉक के बड़े पंचायतों के लिए एक से दो लाख रुपए तक का सामान यहां से क्रय करााया जा रहा है। जिनकी तीखी आलोचना पंचायतों में देखी जा रही है। वहीं कई सरपंचों द्वारा इसे विधायक फंड से नि:शुल्क प्रदत सामग्री भी माना जा रहा है तो कई सरपंच इनके खिलाफ कुछ नहीं बोल पा रहे हैं। कई सरपंच ऐसे हैं जो सत्तापक्ष से संबंधित हैं, उन्हें उच्च जनप्रतिनिधियों का ऐसा कारनामा बिल्कुल भी रास नहीं आ रहा है।