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CG Dhan Kharidi: धान घोटाले को दबाने पानी का इस्तेमाल, Video Viral होते ही खरीद केंद्र से हटाए गए 4 कर्मचारी

CG Dhan Kharidi: वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच में अनियमितता की पुष्टि हुई, जिसके बाद समिति प्रभारी सहित चार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को हटा दिया गया है।

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धान खरीदी केंद्र के 4 कर्मचारी हटाए गए (photo source- Patrika)

धान खरीदी केंद्र के 4 कर्मचारी हटाए गए (photo source- Patrika)

CG Dhan Kharidi: रायपुर जिले के मुनरेठी धान खरीद केंद्र पर गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। पता चला है कि सूखेपन को कम दिखाने के लिए धान से भरी सैकड़ों बोरियों पर पानी डाल दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खरीद केंद्र परिसर में एक पाइपलाइन बिछाई गई थी और धान की बोरियों को करीब आधे घंटे तक पानी में भिगोया गया था। उस समय केंद्र पर हजारों क्विंटल धान रखा हुआ था।

CG Dhan Kharidi: सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई…

पूरी घटना का वीडियो सामने आने पर प्रशासन हैरान रह गया। वीडियो वायरल होते ही तुरंत जांच की गई, जिसमें पहली नज़र में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कमेटी इंचार्ज समेत चार डेली-वेज कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी, मरेडी, M.R. Pt. No. 663 से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति पाइप के ज़रिए धान की बोरियों पर पानी डाल रहा था। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद मौके पर जाकर जांच की गई, कमेटी मैनेजर को स्पष्टीकरण का नोटिस जारी किया गया और कर्मचारियों और पोर्टरों से पूछताछ की गई। सेंटर पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी देखी गई।

आगे की कार्रवाई के दिए संकेत

CG Dhan Kharidi: वायरल वीडियो, CCTV फुटेज, कुलियों के बयान और इंचार्ज कमेटी मैनेजर की सफाई के आधार पर यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो मुनरेठी खरीद केंद्र का है। घटना 1 फरवरी 2026 को शाम 6:45 से 7:10 बजे के बीच हुई बताई जा रही है। जांच में कुलेश्वर प्रसाद वर्मा (कुली), महरन राय (रात का चौकीदार/कुली), योगेश्वर बंजारे (रात का चौकीदार/कुली) और संजू ढिढ़ी (दैनिक धान खरीद कर्मचारी) की संलिप्तता पाई गई है।

हालांकि घटना के समय इंचार्ज कमेटी मैनेजर चंद्रप्रकाश खंडेलवाल मौके पर मौजूद नहीं थे, लेकिन जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उनके अंडर काम करने वाले कर्मचारियों और कुलियों पर असरदार कंट्रोल न होना मैनेजर की लापरवाही दिखाता है। प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीर माना है और आगे की कार्रवाई के संकेत दिए हैं।