
रायपुर . प्रदेश में संविलियन और शासकीयकरण सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे शिक्षाकर्मियों पर रमन सरकार की सख्ती के इस फैसले का राजनीतिक दलों ने विरोध किया है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के नेता और मरवाही विधायक अमित जोगी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष टीएस सिहंदेव को एक पत्र लिखा है।
जोगी ने टीएस सिंहदेव को लिखे पत्र में रमन सरकार के शिक्षाकर्मियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब सरकार अडि़यल रवैया अपनाए तो एेसे समय पर विपक्षी दलों की भूमिका काफी अहम हो जाती है। मरवाही विधायक जोगी ने कहा कि सरकार के शिक्षाकर्मियों के खिलाफ लिए गए फैसले के विरोध में विपक्ष को एकजुट होकर प्रभावशाली कदम उठाने होंगे।
उन्होंने कहा प्रदेश में शिक्षाकर्मी अपने मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर उन्हें बर्खास्त करने की धमकी दे रही है। वहीं शिक्षाकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से पूरे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था ठप हो गई। उधर, विद्यार्थियों को इसका खामियाजा उठाना पड़ रहा है।
जोगी ने शिक्षाकर्मियों के आंदोलन को जायज ठहराते हुए कहा पार्टी शिक्षाकर्मियों के अधिकारों को लेकर उनके साथ है। उन्होंने बताया कि मरवाही जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि आंदोलनरत शिक्षाकर्मियों के खिलाफ जनपद पंचायत कार्रवाई नहीं करेगी। उनके हक के लिए छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने दो बिंदुओं का प्रस्ताव पारित करवाया है। जिसमें शिक्षाकर्मी के खिलाफ कार्रवाई न हो, दूसरा राज्य सरकार शिक्षाकर्मियों की मांगों को तत्काल पूरा करें।
जोगी ने पत्र में इस प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कांग्रेस शासित जनपद पंचायत में भी इसी तरह से शिक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने और उनकी मांगों को पूरा करने को लेकर प्रस्ताव पारित करने को कहा है। उधर, शिक्षाकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के छठवें दिन सरकार ने सख्ती दिखाते हुए रायपुर जिले के 5 शिक्षाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया है। जबकि जिले के 959 शिक्षाकर्मियों को हड़ताल से वापस लौटने के लिए सोमवार तक की मोहलत दी गई है।
Updated on:
26 Nov 2017 06:57 pm
Published on:
26 Nov 2017 06:32 pm
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