
file photo
रायपुर. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग शुरु हो गई है। इसी क्रम में मोदी कैबिनेट के सबसे गरीब मंत्री कहे जाने वाले राज्यमंत्री प्रतापचंद्र सारंगी इस समय रायपुर दौरे पर है। सारंगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चुनौती देते हुए कहा कि वे भाजपा और आरएसएस के राष्ट्रवाद की हिटलर और मुसोलिनी से संबंध साबित करें। उन्होंने कहा कि गोड़से का बीजेपी और आरएसएस से कोई संबंध नहीं है। कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
सारंगी का सीएम को चुनौती
सारंगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चुनौती देते हुए कहा है कि आरएसएस के उग्रवाद का भूपेश बघेल एक भी प्रमाण दें तो मैं उनके यहां नौकरी करने को तैयार हूं। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापचंद्र सारंगी ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार पर किसी का एकाधिकार नहीं है। इसके साथ ही उन्होने कहा कि देश में रहने के लिए वन्देमातरम् कहना होगा। बता दें कि सीएम भूपेश बघेल ने आरएसएस की विचारधारा को उग्रवादी विचारधारा बताया था, जिसके बाद सारंगी ने पलटवार किया है।
जगह और समय तय कर लें, साबित कर दूंगा : भूपेश
इधर, सारंगी की चुनौती को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वीकारते हुए कहा कि सारंगी जगह और समय खुद तय कर लें, जब भी चाहें और जहां भी चाहें मैं साबित कर दूंगा। बघेल ने गोडसे और सावरकर को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
फूस के घर में रहते हैं, यही है इनकी पहचान
सारंगी को मोदी कैबिनेट का सबसे गरीब मंत्री कहा जा रहा है। वे अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। सारंगी फूस के घर में रहते हैं। आने जाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल करते हैं। सारंगी अपनी पेंशन की राशि गरीब बच्चों के लिए दान में दे देते हैं। 64 साल के हो चुके प्रताप सारंगी ने कभी साधु बनने की कोशिश की थी। वह एकांत जीवन बिताना चाहते थे, लेकिन उनका समाज के प्रति समर्पण और जनसेवा का भाव उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में ले आया है। चेहरे पर सफेद दाढ़ी, कम बाल, साइकिल और बैग उनकी पहचान हैं। प्रतापचंद्र सारंगी एकदम साधारण कपड़े पहनते हैं। वे आज भी ग्राम पंचायत के हैंडपंप पर स्नान करते हैं।
Published on:
20 Oct 2019 01:28 am
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
