
रायपुर. राजधानी रायपुर स्थित शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय में प्रथम सेमेस्टर के छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षाओं का आयोजन एक साथ हो रहा है। परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया की आयोजन के दौरान विगत पांच दिनों में एक दर्जन से ज्यादा शिक्षक-कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गए है। शिक्षकों-कर्मचारियों ने महाविद्यालय प्रबंधन पर रोजाना सेनिटाइजेशन ना कराने का आरोप लगाया है। प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होते देख छात्रों ने प्रवेश प्रक्रिया की तिथि आगे बढ़ाने की मांग की है।
ये विभाग आए चपेट में
कोरोना की चपेट में परीक्षा विभाग, प्रवेश विभाग, लैब कर्मी और विभागाध्यक्ष चपेट में आए है। कर्मचारियों ने उच्च शिक्षा विभाग एवं प्रबंधन से रोजाना महाविद्यालय परिसर में सेनिटाइजेशन कराने की मांग की थी। महाविद्यालय प्रबंधन ने एक बार सेनिटाइज कराने के बाद दोबारा इस ओर ध्यान नहीं दिया है। सेनिटाइजेशन दोबारा नहीं होने से कार्यरत शिक्षकों-कर्मचारियों में आक्रोश है।
छात्र रहे परेशान
रविवार को साइंस कॉलेज में प्रवेश लेने का आखिरी दिन था। रविवि प्रबंधन ने ऑनलाइन आवेदन छात्रों से मांगा था। ऑनलाइन आवेदन के पोर्टल में तकनीकी समस्या होने की वजह से छात्र, साइस कॉलेज प्रबंधन के हेल्पलाइन नंबर से मदद मांगी। हेल्पलाइन नंबरों से छात्रों की मदद नहीं हो पाई है।
छात्रों ने युवा संगठन ने रविवि प्रबंधन से प्रवेश प्रक्रिया की तिथि बढ़ाने और पोर्टल में सुधार करने की मांग की है। मामलें में शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय प्रबंधन के जिम्मेदारों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रबंधन के जिम्मेदारों ने फोन नहीं उठाया।
महाविद्यालय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष शरद काले ने कहा, शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय में कोरोना संमक्रमण के बड़ी संख्या में मरीज मिले हैं। उच्च शिक्षा विभाग और प्रबंधन के जिम्मेदारों से संघ द्वारा निवेदन किया गया था, कि परिसर का रोजाना सेनिटाइजेशन हो, ताकि संक्रमण ना फैले। प्रबंधन एक बार सेनिटाइजेशन कराकर शांत बैठ गया है, जिस वजह से कार्यरत कर्मचारियों में आक्रोश है।
Published on:
28 Sept 2020 11:16 am
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