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मां ने दी बेटे की सुपारी, हत्यारों ने उसी को मारकर लूट लिए जेवर और गहने, सामने आया पूरा सच…

रायपुर में करीब 5 साल पहले टिकरापारा इलाके में हुए सनसनीखेज मर्डर का मास्टरमाइंड गुजरात के अहमदाबाद में पकड़ा गया। हत्या में शामिल एक अन्य आरोपी फरार है।

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मां ने दी बेटे की सुपारी, हत्यारों ने उसी को मारकर लूट लिए जेवर और गहने, सामने आया पूरा सच...(photo-patrika)

मां ने दी बेटे की सुपारी, हत्यारों ने उसी को मारकर लूट लिए जेवर और गहने, सामने आया पूरा सच...(photo-patrika)

CG Murder Case: छत्तीसगढ़ के रायपुर में करीब 5 साल पहले टिकरापारा इलाके में हुए सनसनीखेज मर्डर का मास्टरमाइंड गुजरात के अहमदाबाद में पकड़ा गया। हत्या में शामिल एक अन्य आरोपी फरार है। आरोपियों ने एक विधवा महिला की हत्या की थी। आरोपी के पकड़े जाने के बाद गुजरात पुलिस ने मामले की सूचना रायपुर पुलिस को दे दी है।

CG Murder Case: रायपुर पुलिस करेगी गिरफ्तार

टिकरापारा थाना क्षेत्र में 19 अक्टूबर 2021 को पटेल चौक निवासी शकुंतला यादव की लाश उनके घर में मिली थी। अज्ञात आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए थे। इसमें एक आरोपी अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर मिश्रा पकड़ा गया है। उसका दूसरा साथी केतन उर्फ केटी तिवारी फरार है। दोनों ने मिलकर शकुंतला की हत्या की थी।

संपत्ति को लेकर विवाद: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के मुताबिक मृतका शकुंतला के दो पुत्र हैं। बड़ा बेटा अजय यादव कई सालों से अलग रहता है। शंकुतला अपने छोटे बेटे अमित यादव के साथ रहती है। शकुंतला और उसके छोटे बेटे का अजय के साथ संपत्ति को लेकर विवाद होता था। इसके चलते शकुंतला और अमित ने मिलकर अजय को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

बेटे की हत्या के इरादे से आया, मां को मार डाला

लक्ष्मीसागर अपने साथ केतन उर्फ केटी तिवारी के साथ रायपुर पहुंचा। इसके बाद दोनों शकुंतला के घर पहुंचे। उस समय शकुंतला का बेटा अमित एक मामले में जेल था। शकुंतला घर पर अकेली है। इससे आरोपियों की नीयत खराब हो गई। दोनों बहाने से रात में शकुंतला के घर ही रुक गए।

इसके बाद दोनों ने मिलकर रस्सी से शकुंतला की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखे 10 लाख नकद और 30-35 तोला सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए। घटना के बाद दोनों उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक ज्वेलर्स के पास पहुंचे। सभी गहने बेच दिए।

4 लाख में मर्डर की सुपारी

अमित एक निजी अस्पताल में सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करता था। उसकी पहचान सिक्युरिटी गार्ड अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर मिश्रा से थी। उसने साजिश के तहत लक्ष्मीसागर को अपने भाई अजय की हत्या करने कहा। इसके बाद लक्ष्मीसागर ने शकुंतला से मुलाकात की।

मां-बेटे ने 4 लाख रुपए में हत्या करने के लिए लक्ष्मीसागर को कहा। लक्ष्मीसागर को एडवांस में 1 लाख रुपए दिए गए। रकम लेकर लक्ष्मीसागर अपने गांव चला गया। काम पूरा नहीं हुआ, तो मां-बेटे लक्ष्मीसागर के घर पहुंचे। आरोपी ने दोनों को जल्द काम पूरा करने का भरोसा देकर लौटा दिया।

आखिरकार पकड़ा गया मास्टरमाइंड

हत्या का मास्टरमाइंड लक्ष्मीसागर गिरफ्तारी से बचने मोबाइल फोन, पैन कार्ड, आधार कार्ड का उपयोग नहीं करता था। लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था। वह गोवा, मुंबई और वर्ष 2022 में अहमदाबाद के नरोडा में छिपकर रह रहा था। मुखबिर से सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी को धरदबोचा।