
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अफसरों को दिए निर्देश ( Photo - Patrika)
MP Brijmohan Agrawal: तहसीलदार को लोगों के बीच फटकार लगाने के बाद चर्चाओं में आए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अब रायपुर में अधिकारियों की क्लास लगाई। दरअसल बिजली-पानी से लेकर अवैध शराब तक की शिकायत सुशासन शिविर में मिलने के बाद सांसद बृजमोहन खुद को रोक नहीं पाए और अधिकारियों पर बरस पड़े। सख्त लहजे में समस्या का निवारण करने के निर्देश दिए।
जोन-5 अंतर्गत अश्विनी नगर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के जनसमस्या निवारण एवं समाधान शिविर में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने बिजली, पानी, पेंशन, सफाई, स्वास्थ्य, राजस्व और अवैध शराब बिक्री से जुड़ी शिकायतें सांसद बृजमोहन अग्रवाल के समक्ष रखीं।
सांसद ने हर समस्या को गंभीरता से लेते हुए कहा, भीषण गर्मी में जनता को राहत मिलना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है, बहाने नहीं चलेंगे। उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और कहा, भाजपा सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगा रही है, लेकिन आम लोगों को बिना वजह सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगवाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, विभाग समय पर और जिम्मेदारी से काम करें तो लोगों को बार-बार आवेदन लेकर भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि जब जोन कार्यालय, नगर निगम और जिला कार्यालय रोज खुले रहते हैं, तो फिर सात वार्डों से हजार से अधिक शिकायतें शिविर तक क्यों पहुंच रही हैं? शिविर में भाटागांव, मठपुरैना, पुरानी बस्ती, खो-खो तालाब, टिकरापारा और अवधपुरी क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री की शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। इस पर सांसद ने पुलिस और आबकारी विभाग को कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए तीन दिनों के भीतर अवैध शराब बिक्री बंद कराने को कहा।
सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़ा दमाली में आयोजित शिविर में किसान रामनाथ पंडो की वर्षों पुरानी समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया। ग्राम बड़ा दमाली निवासी रामनाथ पंडो लंबे समय से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) नहीं बनने के कारण परेशान थे। खेती के मौसम में खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था उनके लिए चुनौती बनी रहती थी। निजी दुकानों और उधारी पर निर्भरता के कारण खेती की लागत भी बढ़ जाती थी।
सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही उनका किसान क्रेडिट कार्ड तैयार कर उन्हें सौंप दिया। किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त होने पर रामनाथ पंडो ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें खाद-बीज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। सहकारी समिति से आवश्यक कृषि सामग्री उचित दर पर मिल सकेगी और जरूरत पड़ने पर ऋण की सुविधा भी आसानी से उपलब्ध होगी। इससे खेती-किसानी अधिक सुगम और लाभकारी बनेगी।
Updated on:
19 May 2026 03:17 pm
Published on:
19 May 2026 03:17 pm
