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सुपोषण पेटी में रोज 5 खजूर और आंगनबाड़ी केंद्रों में रोज दाल में डलेगा मुनगा पावडर

नवबिहान की महिला स्वसहायता समूह से होगी मुनगा पावडर की खरीदी

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सुपोषण पेटी में रोज 5 खजूर और आंगनबाड़ी केंद्रों में रोज दाल में डलेगा मुनगा पावडर

सुपोषण पेटी में रोज 5 खजूर और आंगनबाड़ी केंद्रों में रोज दाल में डलेगा मुनगा पावडर

रायपुर। लक्ष्य सुपोषण अभियान के तहत अब सुपोषण पेटी में एक बच्चे के लिए रोज 5 खजूर की खुराक को जोड़ा गया है, क्योंकि कई बच्चे केला नहीं खा रहे थे इस कारण जनवरी से ही उन बच्चों को खजूर दिया जा रहा है। इसी तरह रायपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों में भी मुनगा पावडर के पैकेट्स दिए जाएंगे। इससे होगा यह कि लक्ष्य सुपोषण अभियान के निर्धारित चार्ट के अनुसार बच्चों को मुनगा दाल मिलेगी। एक बच्चे के लिए रोजाना 5 ग्राम पावडर तय हुआ है। 6 माह का लक्ष्य लेकर चल रहे इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे है। दो माह की रिपोर्ट में 819 बच्चों में से 34 बच्चे गंभीर कुपोषण से मध्यम में और 282 बच्चे मध्यम से सामान्य की श्रेणी में आ गए है। इस तरह 316 बच्चों ने गंभीर कुपोषण की रेखा को पार कर लिया है।

राज्य सरकार बच्चों में कुपोषण को दूर करने कई योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में रायपुर जिले में जिला प्रशासन और महिला बाल विकास द्वारा लक्ष्य सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है। जनसहयोग से लगभग 75 लाख से अधिक की राशि जमा हुई है इस राशि के तहत पिछले 2 माह से रायपुर जिले के 1 से 3 साल की उम्र के 819 गंभीर कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में पौष्टिक भोजन कराया जा रहा है।

हर माह इतनी खर्च हो रही राशि
1. बच्चे और मां के लिए हर माह काने का खर्च 1895
2. आंगनबाजडी कार्यकर्ता को पारितोषित- 100 रूपए हर बच्चा
3. आंगनबाड़ी सहायिका को पारिकोषिक - 100 रूपए हर बच्चा
4. केंद्र पर हर माह व्यय- 50 रूपए
5. 819 बच्चों की हर माह का खर्च 15,52,005

आंगनबाड़ी में मिल रहा ऐसा खाना
आंगनबाड़ी केंद्रों में गंभीर कुपोषित एक से 3 साल के बच्चों और उनकी मां को गर्म भोजन दिया जा रहा है, जिसमें थाली में भात, दाल और अंकुरित सलाद होता है। दाल में मुनगा भाजी या मुनगा पावडर डला होना चाहिए। इसके अलावा अंड़ा दिया जाता है जो बच्चा अंडा नहीं खाते उन्हें केला दिया जाता है। बच्चों की मां को सोया की बनी चक्की भी दी जा रही है।

मुनगा पावडर खरीदा जाएगा, केला की जगह खजूर दे रहे

रायपुर जिले के1 से 3 साल की उम्र के 819 बच्चों को आंगनबाड़ी केद्रों में पौष्टिक भोजन मिल रहा है। इन बच्चों को अब सुबह नाश्ते में खजूर दिया जा रहा है और दाल में रोज मुनगा भाजी या पावडर डाला जो इसके लिए नवबिहान के स्वसहायता समूह से मुनगा पावडर खरीदा जाएगा।
अशोक पांडे, डीपीओ, महिला बाल विकास