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नगर निगम रायपुर को मिनिस्टि्रयल अवार्ड, राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग का भी इंतजार

नगर निगम रायपुर को स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर बेहतरीन कार्य करने के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा मिनिस्टि्रयल अवार्ड से नवाजा गया है। इस पुरस्कार को लेने के लिए बुधवार को सभापति सूर्यकांत राठौर के नेतृत्व में अफसरों की टीम नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। जहां गुरुवार को राष्ट्रपति के हाथों यह पुरस्कार प्राप्त करेंगे।

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नगर निगम रायपुर को मिनिस्टि्रयल अवार्ड, राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग का भी इंतजार

नगर निगम रायपुर को मिनिस्टि्रयल अवार्ड, राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग का भी इंतजार

संदेश दिया है कि नुक्कड़ों से रोज कचरा उठे

रायपुर निगम को यह सम्मान मिलने पर पूर्व महापौरों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि ये खुशी की बात है। साथ ही वर्तमान महापौर परिषद को यह संदेश भी दिया है कि नुक्कड़ों से रोज कचरा उठे और नालियां साफ हों, तभी सम्मान का मान बढ़ेगा। स्वच्छता में सुधार का असर शहर के लोगों को भी दिखना चाहिए। रायपुर नगर निगम ने इस बार राष्ट्रीय स्तर पर 12500 अंकों की कड़ी परीक्षा दी है। उस स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के नतीजे आना है, जिसमें ये पता चलेगा कि हमारा रायपुर साफ-सफाई के मामले में देश के सबसे साफ शहरों वाली रैंकिंग में किस स्थान पर है। ओडीएफ प्लस प्लस और वाटर प्लस प्लस तो 2023 के नतीजे में ही प्राप्त हो गया था, लेकिन शहर के लोगों से फीड बैक बहुत कमजोर मिला, इसलिए रायपुर टॉपटेन से बाहर हो गया। जबकि 2022 के नतीजे में रायपुर 6 वां स्थान हासिल करने का गौरव प्राप्त कर चुका है। इस बार भी महापौर मीनल चौबे और निगम प्रशासन का दावा है कि रैंकिंग में काफी सुधार के साथ रायपुर नगर निगम टॉप टेन के अंदर आने की उम्मीदें हैं।

सभापति के साथ निगम का दल लेगा सम्मान

महापौर मीनल चौबे इन दिनों इजराल के दौरे पर हैं। इसलिए रायपुर के लिए मिनिस्टीरियल अवार्ड लेने सभापति सूर्यकान्त राठौड़ के साथ स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष गायत्री चंद्राकर, अपर आयुक्त राजेंद्र गुप्ता, विनोद पाण्डेय, स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता रघुमणि प्रधान, सहायक नोडल अधिकारी सहायक अभियंता योगेश कङू, विशेषज्ञ प्रमीत चोपड़ा और सूरज चंद्राकर अवार्ड सेरेमनी में शामिल हो रहे हैं। वे 18 जुलाई को शाम रायपुर लौटेंगे।

सम्मान मिलने के ये पांच बड़े कारण

  1. संकरी में कचरा निष्पादन का सबसे बड़ा प्लांट 28 एकड़ में है। जहां गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके प्रोसेस किया जाता है। पॉलीथिन का उपयोग टायर बनाने में और गंदे पानी का ट्रीटमेंट करके दोबारा उपयोग किया जाता है। प्लांट में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया है।
  2. कई सालों से सरोना में साढे 4 लाख टन कचरे के ढेर का ढेर लगा हुआ था, उसका भी निष्पादन करीब 13 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। हालांकि अभी तक आधा ही साफ हो पाया है। शहर में 50 से अधिक मुक्कड़ हुआ करते हैं, जिन्हें बंद कराने में नगर निगम सफल हुआ है।
  3. रायपुर नगर निगम क्षेत्र में खुले में शौच बड़ी समस्या थी। जो कि अब जाकर 90 प्रतिशत तक बंद हो चुका है। घर-घर शौचालय और सुलभ शौचालय की िस्थतियां सुधरी हैं। हालांकि अभी रेल पटरी के किनारे वाली बस्तियों में खुले में शोच की समस्या बनी हुई है।

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