
धरमपुरा में खेल परिसर के रनिंग ट्रैक पर एथलेक्टिस के नेशनल और इंटनरेशनल खेलों के आयोजन किए जा सकेंगे
जगदलपुर . अब बस्तर में राष्ट्रीय खेलों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों का आयोजन हो सकेगा। साथ ही बस्तर के खिलाड़ी भी खेल परिसर का लाभ उठाकर ओलंपिक और इंटरनेशनल खेलों में हिस्सा ले सकेंगे। वल्र्ड एथेलेटिक फेकेल्टिस के सीईओ जॉन राइडगन ने इस रनिंग ट्रैक की जांच उपरांत सही पाते हुए अंतरराष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए सर्टीफि केट प्रदान किया है। आगामी 2028 तक इस रनिंग ट्रेक एथलेक्टिस के नेशनल और इंटनरेशनल खेलों के आयोजन किए जा सकेंगे।
गौरतलब है कि अप्रैल वल्र्ड एथेलिट फैकल्टीज दुनिया भर के रनिंग ट्रेक को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों के सर्टिफिकेट प्रदान करता है। यही टीम 11 अप्रैल 2023 हाल ही में बस्तर प्रवास में वल्र्ड एथलेटिक्स की टीम पहुंची थीए जिन्होने धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर के रनिंग ट्रेक की तकनीकी जांच और अंतराष्ट्रीय एथेलेक्टिस
स्पर्धाओं के नियमों के तहत पाते हुए वर्ष 2028 तक के लिए खेलों के आयोजनों के मिल मंजूरी दिया है। बस्तर क्रीड़ा एवं युवा कल्याण विभाग को यह सर्टीफिकेट मिला है। यानिए धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल एथलेक्टिस का आयोजन किया जा सकेगा। यह बस्तर क्रीड़ा एवं युवा कल्याण विभाग के एवं बस्तर में एथलेक्सि के खिलाडय़ों के लिए बड़ी उपलब्धि है। क्रीड़ा परिसर में दो रनिंग ट्रैक हैं, जिसमें 400 मीटर एथलेटिक्स रनिंग ट्रैक और दूसरा 200 मीटर एथलेटिक्स रनिंग ट्रैक है। एक रनिंग ट्रेक स्पर्धाओं के लिए और दूसरा रनिंग ट्रैक खिलाडिय़ों के अभ्यास से लिए।
खेल प्रेमियों और बस्तर के खिलाडिय़ों की सर्व सुविधा युक्त खेल परिसर की मांग लंबे अर्सें से की जा रही थी। राज्य सरकार की मदद से जिला प्रशासन ने 2 खेल परिसर के लिए लगभग 70 करोड़ रुपए खर्च किए और सिंथेटिक ट्रैक फीफा फुटबॉल ग्राउंड,400 मीटर एथलेटिक्स रनिंग ट्रैक, बैडमिंटन हॉल का दोबारा निर्माण, जिम हॉल और व्यायाम के उपकरण, चेस, टेबल टेनिस, कैरम हॉल, हैंडबॉल ग्राउंड फ्लड लाइट, फ्लडलाइट टर्फ युक्त दो टेनिस कोर्ट, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल मैदान बनाया। अभी बैडमिंटन हॉल चार कोट, क्रिकेट के लिए प्रैक्टिस पिच, योगा और अन्य खेलों के लिए मैदान, कबड्डी,कुश्ती, बॉक्सिंग की सुविधा और 100 सीटर स्पोट्र्स हॉस्टल के निर्माण का काम जारी है।
खिलाडिय़ों के कोच का यह है कहना
खिलाडिय़ों के कोच का कहना है कि बस्तर के आदिवासी युवाओं में स्टेमना की कमी नहीं हैए लेकिन सही ग्राउंड और संसाधन नहीं होने की वजह से खेलों में पिछड़ जाते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों में भाग नहीं ले पाते थेंए लेकिन प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल ग्राउंड के साथ ही सिंथेटिक ट्रैक और खेल परिसर का निर्माण किया हैए इससे निश्चित तौर पर बस्तर के युवा खिलाड़ी प्रैक्टिस कर स्टेमिना से आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों और ओलंपिक गेम्स में हिस्सा ले सकेंगे।
Published on:
16 May 2023 03:15 pm
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