
इन इलाकों में लोगों को दिखाई दिए है माओवादी, सूचना मिलते ही पुलिस ने किया अलर्ट जारी और सर्चिंग हुई तेज
कोंडागांव. प्रेम में बड़ी शक्ति होती है। इस शक्ति का परिचय लाल झंडा उठाए हिंसा का पर्याय रहे खूंखार माओवादी को जब हुआ तो उसने हथियार डाल दिए। यह कहानी किसी फिल्म की नहीं, बल्कि हकीकत है। माओवादी डिप्टी कमांडर धनीराम अपने तीन माह के बच्चे के प्रेम में ऐसा बंधा कि उसने आत्मसमर्पण कर दिया। अब धनीराम अपने बच्चे को खुशहाल जीवन और सुनहरा भविष्य देना चाहता है।
डिप्टी कमांडर धनीराम का सारा समय जंगल-जंगल भटकते हुए निकल जाता था। वह हिंसा में संलिप्त था। उसकी जिंदगी में नया मोड़ बच्चे के आने से आया। वह अब बच्चे के भविष्य को लेकर सोचने लगा। इस बीच करीब सप्ताहभर पहले उसकी पत्नी ने बीमारी की वजह से दम तोड़ दिया। वह पत्नी का इलाज भी नहीं करवा सका। धनीराम के अलावा नवजात बच्चे की देखभाल करने के लिए भी कोईनहीं था। तीन माह के बिन मां के बच्चे के प्रेम में धनीराम ने कोंडागांव एसपी के समक्ष 23 जून को आत्मसमर्पण कर दिया।
तीन लाख रुपए का था इनाम
माओवादी संगठन को अलविदा कहने वाला धनीराम गावड़े परतापुर एरिया कमेटी में बडग़ांव एलओएस का डिप्टी कमांडर था। वह माओवादियों की रेकी टीम का सदस्य भी रहा। उसने इस दौरान कई माओवादी घटनाओं को अंजाम दिया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उस पर तीन लाख रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था।
नहीं चाहता कि बेटा माओवाद का रास्ता चुने
समर्पण के बाद चर्चा करते हुए धनीराम ने बताया कि वह नहीं चाहता कि उसका बेटा बड़ा होकर माओवाद का रास्ता चुने और जंगल में भटकता फि रे। डेढ़ दशक माओवादी संगठन में जाया करने के बाद उसने अपने व बच्चे के लिए खुशहाली का रास्ता चुनना बेहतर समझा।
Updated on:
27 Jun 2018 05:44 pm
Published on:
27 Jun 2018 05:36 pm
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