
NEET UG 2025: छत्तीसगढ़ में भी नीट यूजी हिंदी माध्यम में देने वाले छात्रों की संख्या बढ़ गई है। 6 साल पहले की तुलना में देशभर में ऐसे छात्रों की संख्या दोगुनी हुई है। 2019 में जहां 1.69 लाख छात्रों ने हिंदी में नीट दी थी। वहीं, पिछले साल 3.57 लाख छात्रों ने नीट दी। नीट अंग्रेजी, हिंदी समेत 13 भाषाओं में होती है। छात्र सुविधानुसार परीक्षा का माध्यम चुन सकते हैं।
एमबीबीएस व बीडीएस कोर्स में एडमिशन के लिए होने वाली नीट (नेशनल इलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) में अंग्रेजी माध्यम से सबसे ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल होते हैं। दूसरे नंबर पर हिंदी है। तमिल, बंगाली, कन्नड़ व तेलुगू भाषा में भी नीट देने वालों की संख्या लगातार बढ़ गई है। लंबे समय से नीट-यूजी अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड, मराठी सहित 13 भाषाओं में होती है।
4 मई को होने वाली परीक्षा के लिए एनटीए को 23 लाख से ज्यादा पंजीयन मिले हैं। भाषाओं का विकल्प मिलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र सुविधानुसार अंग्रेजी के अलावा अपनी भाषाओं को चुन रहे हैं। 6 साल पहले 4750 ने बंगाली भाषा में परीक्षा दी थी। 2024 में यह संख्या 48 हजार हो गई।
क्षेत्रीय भाषाओं में मेडिकल एजुकेशन के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सीनियर मेडिकल एक्सपर्ट व सीनियर कैंसर सर्जन डॉ. युसूफ मेमन के अनुसार, नीट में खासतौर से हिंदी चुनने वालों की संख्या इसलिए बढ़ी है, क्योंकि टेस्ट में इस भाषा के साथ अंग्रेजी में भी सवाल पूछे जाते हैं। इससे कुछ सवाल समझने में आसानी होती है।
हिंदी मीडियम के छात्रों के लिए यह बहुत फायदेमंद है, जबकि अंग्रेजी वालों के लिए सिर्फ अंग्रेजी में सवाल रहते हैं। जो सवाल हिंदी में समझ नहीं आते, कई बार अंग्रेजी में आसानी से समझ आ जाता है। प्रदेश में सीजी बोर्ड में अंग्रेजी व हिंदी में पढ़ाई होती है। जबकि सीबीएसई में केवल अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होती है।
Updated on:
26 Mar 2025 11:04 am
Published on:
26 Mar 2025 11:04 am
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