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Raipur Medical College: MBBS करने में दो छात्रों ने लगा दिए 15 साल, इनमें एक है 2009 का PMT टॉपर

Medical College Chhattisgarh: एमबीबीएस कोर्स साढ़े चार साल का है, लेकिन नेहरू मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत दो छात्र बमुश्किल 14 व 15 साल में पास हो सके। पास होने के बाद दोनों छात्रों की इंटर्नशिप पोस्टिंग लगा दी गई है।

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पीलूराम साहू

Raipur news एमबीबीएस कोर्स साढ़े चार साल का है, लेकिन नेहरू मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत दो छात्र बमुश्किल 14 व 15 साल में पास हो सके। पास होने के बाद दोनों छात्रों की इंटर्नशिप पोस्टिंग लगा दी गई है। पिछले साल ही 2009 बैच का पीएमटी टॉपर ने एमबीबीएस उत्तीर्ण की थी। अभी वह भी इंटर्नशिप कर रहा है। एक साल इंटर्नशिप करने के बाद पास छात्र दो साल के बांड पर ग्रामीण सेवा में जाएंगे। इसके बाद ही वे प्रेक्टिस कर पाएंगे।

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प्रदेश में ऐसे बहुत कम छात्र हैं, जो 14 या 15 साल में एमबीबीएस पास करते हों। एक अनुमान के अनुसार पिछले 5 साल से औसतन 80 से 85 फीसदी छात्र साढ़े पांच या छह साल में एमबीबीएस पास कर लेते हैं। 2009 बैच के विनोद कुमार सिदार (बदला हुआ नाम) व 2010 बैच में परब सिंह (बदला हुआ नाम) ने एडमिशन लिया था। पहली ही परीक्षा में दोनों छात्र दो से तीन विषय में फेल हो गए।

इसके बाद वे 2023 तक एक-एक विषय में फेल होते रहे और रिफर्ड बैच के साथ परीक्षा देते रहे। जनवरी में आयोजित परीक्षा में दोनों छात्र पूरी तन्मयता व लगन से शामिल हुए। सप्ताहभर निकले रिजल्ट में दोनों पास घोषित किए गए। विनोद को 2450 में 1326 व परब को 1333 नंबर मिले हैं। पिछले साल पीएमटी टॉपर छात्र पास हुआ। दरअसल 2009 में मुन्ना भाई के सहारे वह पास हुआ था। सीआईडी जांच भी हुई थी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद टॉपर समेत दूसरे छात्रों ने एमबीबीएस की पढ़ाई जारी रखी और वे पास होते गए।

अब चार अंटेंप्ट में पास नहीं करने वाले सीधे कॉलेज से बाहर

अब नेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी ने नियम बदल दिया है। चार अंटेंप्ट में एमबीबीएस पास करने वाले छात्र सीधे कॉलेज से बाहर हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ में ऐसे तीन छात्र बाहर हो चुके हैं। जबकि एक छात्र को जीवनदान मिला है। दरअसल कोरानाकाल में पढ़ाई प्रभावित होने के कारण 2020 बैच के छात्रों को एनएमसी ने एमबीबीएस पास करने के लिए 4 के बजाय 5 अटेंप्ट करने का मौका दिया। ऐसे में यह छात्र पास हो गया। इससे उन्हें राहत मिली। जो छात्र 4 अटेंप्ट में पास नहीं हुए, वे सरकारी व निजी कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। मेडिकल कॉलेजों में ऐसे आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जो तीन अटेंप्ट में फेल हो चुके हैं।

एनएमसी से अधिसूचना जारी होने के बाद हैल्थ साइंस विवि से सभी काॅलेजों को चार अटेंप्ट में फेल होने वाले छात्रों को बाहर करने को कहा है। छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं तो फोकस होकर करें। सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखें -डॉ. विष्णु दत्त, डीएमई

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नीट यूजी में फोकस रहकर तैयारी करने से ही सफलता मिलेगी। जहां तक एमबीबीएस पास करने की बात है, इसमें भी वही छात्र-छात्राएं पास होते हैं, जो कड़ी मेहनत व लगन से पढ़ाई करते हैं। अब तैयारी के विकल्प काफी बढ़ गए हैं। कंपीटिशन भी बढ़ गया है। ऐसे में बिना तनाव के तैयारी व पढ़ाई करने से सफलता निश्चित है। -डॉ. विकास गाेयल, सीनियर हिमेटोलॉजिस्ट व मेडिकल एक्सपर्ट