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केसदा में प्रस्तावित संयंत्र का विधायक व जनप्रतिनिधियों ने किया विरोध, कांग्रेसियों व ग्रामीणों ने किया समर्थन

ग्राम केसदा में स्थापित होने वाले मेसर्स स्वदेश मेटालिक्स प्राइवेट लिमिटेड संयंत्र के लिए गुरुवार को ग्राम नेवधा में छग पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में क्षेत्रीय विधायक शिवरन शर्मा ने संयंत्र का विरोध करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान के अनुसार जनसुनवाई के पहले ग्राम सभा होनी चाहिए।

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केसदा में प्रस्तावित संयंत्र का विधायक व जनप्रतिनिधियों ने किया विरोध, कांग्रेसियों व ग्रामीणों ने किया समर्थन

केसदा में प्रस्तावित संयंत्र का विधायक व जनप्रतिनिधियों ने किया विरोध, कांग्रेसियों व ग्रामीणों ने किया समर्थन

सिमगा। तहसील के ग्राम केसदा में स्थापित होने वाले मेसर्स स्वदेश मेटालिक्स प्राइवेट लिमिटेड संयंत्र के लिए गुरुवार को ग्राम नेवधा में छग पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा जनसुनवाई का आयोजन किया गया। संयंत्र के प्रस्तावित ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट आयरन और पैलेट प्लांट 6 मिलियन टन वर्ष, डीआरआई प्लांट 0.42 मिलियन टन वर्ष, एसएमएस विथ कास्टर 0.6 मिलियन टन वर्ष, रोलिंग मिल 0.20 मिलियन टन वर्ष, आरएच एफ यूनिट 0.36 मिलियन टन वर्ष, ब्लास्ट फर्नेस 0.26 मिलियन टन वर्ष, सिंटर प्लांट 0.40 मिलियन टन वर्ष, डीआईपी प्लांट 0.24 मिलियन टन वर्ष, कोल वाशरी यूनिट 0.98 मिलियन टन वर्ष विथ केप्टिव पावर प्लांट 0.97 मेगावट फार प्रोड्यूसिंग टीएमटी बार, वायर राड्स, स्टील बार क्वाइल्स एंड डी क्वाइस बार्स एंड डक्टाइल आयरन पाइप्स के पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए बड़ी संख्या में ग्राम केसदा. रिंगनी, नेवधा तथा आसपास गांव के ग्रामीण तथा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जनसुनवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
जनसुनवाई में क्षेत्रीय विधायक शिवरन शर्मा ने संयंत्र का विरोध करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान के अनुसार जनसुनवाई के पहले ग्राम सभा होनी चाहिए। जब यह उद्योग केसदा में लगना है तो जनसुनवाई नेवधा में क्यों किया जा रहा है। उद्योग लगने के पहले उद्योगपति मीठी-मीठी बात कर ग्रामीणों को विश्वास में ले लेते हैं और उद्योग लगने के बाद स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं देते। उनका प्रवेश भी वर्जित हो जाता है। इसका उदाहरण अपोलो फैक्ट्री है। विधायक ने कहा कि स्थानीय लोगों को योग्यतानुसार रोजगार देने की गारंटी दें तभी इसका औचित्य है। विधायक ने कहा कि इस उद्योग से केसदा, रिंगनी, नेवधा, हथबंद ज्यादा प्रभावित होंगे। जब तक इन गांवों के ग्रामसभा से एनओसी नहीं मिल जाता, तब तक प्रस्तावित संयंत्र का मेरा विरोध रहेगा।
नेवधा पंचायत के उपसरपंच पून्नी वर्मा व अन्य पंचों का कहना है कि हमारे गांव में जनसुनवाई हो रही है और इसकी जानकारी न ही पंचायत को है और न ग्रामीणों को। एक तरफ जनप्रतिधियों के साथ नेवधा व अन्य गांव के लोग विरोध करते रहे तो वहीं केसदा गांव के ग्रामीण उद्योग का समर्थन करते दिखे। ग्रामीणों का कहना है कि उद्योग लगने से हमें स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा। साथ ही ग्राम का विकास भी होगा। जनप्रतिधियों ने बताया कि केसदा के ग्रामसभा में पूर्व में दिए गये एनओसी को खारिज कर दिया गया है तो जनसुनवाई का कोई औचित्य नहीं है। वहीं, सांसद प्रतिनिधि आनंद यादव ने कहा कि संयंत्र इस बात की गारंटी दे कि क्षेत्र में वायु, रासायनिक धूल, धुआं, ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा। साथ ही इस क्षेत्र का पेयजल, तालाब तथा भूमिगत जल स्रोत प्रदूषित नहीं होगा। स्थानीय को रोजगार मिलेगा। वहींं, पू्र्व जिला पंचायत सदस्य मुरारी मिश्रा, जिला कांग्रेस पदाधिकारी शैली भाटिया, भाजपा नेता रमेश सोनी, छग क्रांति सेना के चंद्रकांत यदु, जोगी कांग्रेस के जितेंद्र बंजारे, पार्षद सूर्यकांत ताम्रकार, एल्डरमैन हिरेन कोसले, सचिन जैन आदि ने विरोध किया तो ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. के. के. नायक व उनके समर्थकों ने उद्योग का समर्थन किया। इस मौके पर एडीशनल कलेक्टर राजेंद्र गुप्ता सहित जिला व तहसील के अधिकारी व भारी संख्या में पुलिसबल मौजूद थे।