
PM Janman Yojana: छत्तीसगढ़ के रायपुर में छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजातियां कमार, बिरहोर, बैगा, पहाड़ी कोरवा और अबुझमाड़िया, दूरस्थ एवं दुर्गम बसाहट में निवास करने वालों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अहम पहल की गई है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को सुलभ तरीके से शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में हॉस्टल बनाए जाएंगे।
इसके लिए पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 52.65 करोड़ का बजट छत्तीसगढ़ को मिला है। इससे 21 छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। वहीं, समग्र के बजट से 10 छात्रावास की स्वीकृति प्राप्त हुई है। 10 हॉस्टल का निमार्ण 28.25 करोड़ के बजट से किया जाएगा। ये हॉस्टल प्रदेशभर के 15 जिलों में बनाए जाएंगे। कुल 31 हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा, जिसमें विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चे 5वीं के बाद रहकर 12वीं कक्षा तक अध्ययन कर सकते हैं।
सभी 31 हॉस्टलों का निर्माण स्कूल कैंपस के आसपास ही किया जाएगा। इसमें विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को निशुल्क रहने व खाने की सुविधा प्रदान की जाएगी। 31 छात्रावासों में 17 छात्रावास 50 सीटर बनाए जाएंगे। वहीं, 14 छात्रावास 100 सीटर बनाने की स्वीकृति प्राप्त हुई है।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के लिए प्रदेशभर के 15 जिलों में 31 छात्रावास बनाए जाएंगे। इसमें सरगुजा में दो, धमतरी में एक, गरियाबंद में दो, कबीरधाम में 4, जशपुर में 4, बलरामपुर में 3, एसीबी में एक, मुंगेली में दो, नारायणपुर में 4, बिलासपुर में एक, गरियाबंद में दो, केसीजी में 4, कबीरधाम में एक हॉस्टल बनाया जाएगा।
Updated on:
15 Feb 2025 03:12 pm
Published on:
15 Feb 2025 03:10 pm
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