
12 साल पहले मंत्रीयों के लिए तय किया गया था सेक्टर, अब तक नही हुई शिफ्टिंग
रायपुर . नया रायपुर (अटलनगर) में 12 साल पहले ही सेक्टर-18 में मुख्यमंत्री, राजभवन, मंत्री व सचिव स्तर के अधिकारियों के लिए सेक्टर तय कर दिया गया है। लेकिन 200 एकड़ के इस सेक्टर में शिफ्टिंग के लिए एक ईंट भी नहीं जोड़ी जा सकी है। नया रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मास्टर प्लान का अनुमोदन वर्ष 2006 में कर लिया गया था, जिसमें सेक्टर-18 में मुख्यमंत्री, मंत्री व अधिकारियों के लिए आवासीय भवन बनाने का प्रजेंटेशन दिया गया, वहीं सेक्टर-17 में अन्य आला अधिकारियों के लिए आवासीय फ्लैट व भवन का निर्णय हुआ।
सेक्टर-१७ में वर्ग-१ के लेकर वर्ग-४ तक के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए ३२५ मकानों का निर्माण किया गया, लेकिन सेक्टर-१८ में मंत्री व सचिव स्तर के अधिकारियों के निवास के लिए निर्माण की तारीख आगे बढ़ाती रही। मंत्रालय का भूमिपूजन २१ जनवरी २००८ को हुआ, वहीं प्रथम चरण के सडक़ की सौगात भी मिली। इस दरमियान भी नया रायपुर के सेक्टर-१८ में मंत्रियों व आला अधिकारियों की शिफ्टिंग पर सरकार खामोश रही।
सेक्टर-१७ में वर्ग-१ व वर्ग-२ स्तर के अधिकारियों के लिए स्वतंत्र मकान बनाए गए हैं, लेकिन यहां ७० फीसदी मकान खाली पड़े हैं। वर्ग-३ व वर्ग-४ स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए फ्लैट है, लेकिन यह भी कबाड़ होता नजर आ रहा है। ३२५ मकानों में १०० अधिकारी-कर्मचारी भी निवास नहीं कर रहे हैं।
मास्टर प्लान के अनुमोदन के मुताबिक मुख्यमंत्री निवास, राजभवन, मंत्रियों व सचिव स्तर के अधिकारियों के बंगलों का निर्माण ५ वर्ष पहले ही हो जाना था, लेकिन मंत्रियों व अधिकारियों ने प्रोजेक्ट पर सहमति नहीं जताई, बल्कि नया रायपुर में कंपनियों व आम-आदमी को निवेश की अपील करते रहे।
मंत्रियों के आवास के लिए निर्माण एजेंसी भी तय है। मंत्रियों व उच्चाधिकारियों के आवास निर्माण की जिम्मेदारी छग हाउसिंग बोर्ड से छिनकर इसे लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया गया है।
नया रायपुर कहीं पिकनिक स्पॉट बनकर ना रह जाए। नया रायपुर में पब्लिक की आवाजाही इन दिनों लेजर-शो, जंगल सफारी, पुरखौत मुक्तांगन, सेंट्रल पार्क आदि के लिए हैं। यहां रहने और निवेश के लिए लोगों की दिलचस्पी कम है।
मंत्री व आला अधिकारियों की शिफ्टिंग की खबर के बाद अलग-अलग विभागों में हडक़ंप मचा हुआ है। नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने साफ कर दिया है कि सत्ता में आने पर उनका निवास नया रायपुर में होगा, वहीं राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडे ने भी नया रायपुर में रहने को लेकर आपत्ति नहीं जताई है। प्रोजेक्ट में लेटलतीफी की जिम्मेदारी पर दोनों मंत्रियों ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया।
पीडब्ल्यूडी के इएनसी डी.के. प्रधान ने कहा कि नया रायपुर में मंत्रियों व उच्चधिकारियों के आवास निर्माण को लेकर पीडब्ल्यूडी को जिम्मेदारी मिली है। राज्य सरकार से मिले दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। सेक्टर-१८ में मंत्रियों व उच्चाधिकारियों के आवास के निर्माण की योजना है।
Updated on:
22 Aug 2018 02:09 pm
Published on:
22 Aug 2018 12:51 pm
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