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कोरोना काल में बढ़ी मुसीबत: एनएचएम की हड़ताल शुरू, स्वास्थ्यमंत्री बोले- सेवाएं जारी रखें कर्मचारी

- छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारी संघ ने कहा- हड़ताल जारी रहेगी .

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रायपुर। प्रदेश में कोरोना का कहर बरप रहा है। मगर, इसी बीच 18 सितंबर को 28 जिलों में पदस्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 13,000 कर्मचारियों ने 19 सितंबर से हड़ताल की घोषणा कर दी। इसी दिन देर रात स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने वीडियो मैसेज जारी कर अपील की कि कर्मचारी सेवाएं जारी रखें। कोरोना काल के बाद उनकी मांगों पर चर्चा करेंगे। यह उचित समय नहीं है। बावजूद इसके कर्मचारियों ने 19 से काम-काज बंद कर दिया। हड़ताल का मिला-जुला असर रहा। छोटे शहरों में असर दिखाई दिया। सूत्र बताते हैं कि राजनांदगांव और रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में संचालित आरटी-पीसीआर टेस्ट कम हुए। मगर, सरकार भी सख्त है। एनएचएम ने सभी जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर साफ कर दिया कि कर्मचारियों को नोटिस दें, बात नहीं बनती है तो कार्रवाई करें।

छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष हेमंत सिन्हा ने 'पत्रिका' से बातचीत करते हुए बताया कि हम कोरोना काल में काम बंद नहीं करना चाहते, मगर हमारी भी मजबूरी है। 18-18 साल से हम संविदा पर सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने नियमितीकरण की बात कही थी। मगर, वह आज दिनांक तक पूरी नहीं हुई। अभी तक इन कर्मचारियों से किसी भी विभागीय अधिकारियों ने बात नहीं की है।

कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो नई भर्ती संभव
मांगों पर कोई हल नहीं निकला तो काम प्रभावित होगा। खासकर कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग और टेस्टिंग। शहरी क्षेत्रों में संचालित कई योजनाएं भी। एनएचएम के सूत्र बताते हैं कि एनएचएम कर्मचारियों को चेतावनी देकर नई भर्ती भी कर सकता है। पूर्व में कई बार ऐसे उदाहरण सामने आए हैं।

कोरोना काल में हड़ताल उचित नहीं। एनएचएम की तरफ से जिला कलेक्टरों को पत्र लिखाकर कर्मचारियों को नोटिस जारी कर काम पर लौटने को कहा गया है।
डॉ. सुरेंद्र पामभोई, उप संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन