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पांच दिन बाद भी लापता उद्योगपति का कोई सुराग नहीं, पुलिस अब संदिग्ध कार के जरिये कर रही तलाश

० सूचना के तत्काल बाद सक्रिय नहीं हुई पुलिस, किडनैपरों को मिल गया शहर से निकलने का मौका ० इलाहाबाद के रिश्तेदारों से भी हुई थी सोमानी की बातचीत

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पांच दिन बाद भी लापता उद्योगपति का कोई सुराग नहीं, पुलिस अब संदिग्ध कार के जरिये कर रही तलाश

पांच दिन बाद भी लापता उद्योगपति का कोई सुराग नहीं, पुलिस अब संदिग्ध कार के जरिये कर रही तलाश

रायपुर. उद्योगपति प्रवीण सोमानी के अपहरण में कई गुत्थियां एेसी हैं, जिससे पुलिस की उलझन बढ़ती जा रही है। सोमानी तीन मोबाइल नंबरों का उपयोग करते थे। इनमें दोनों मोबाइल मिल गए हैं। इन नंबरों पर उद्योगपति की किन लोगों से बात होती थी, इस तथ्य की जांच की जा रही है। इसके अलावा रामकुटीर में उनकी रेंज रोवर कार के पास सफेद रंग की कार एक घंटे से अधिक समय तक खड़ी रही। इसके बाद वहां से निकली है। देर रात को वहां से गुजरने वालों ने भी उस कार को देखा है।

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बिना ड्राइवर के निकले

सूत्रों के मुताबिक सोमानी ने अपनी कार चलाने के लिए एक ड्राइवर रखा था, जिसे कुछ दिन पहले मना कर दिया था। घटना वाले दिन खुद ही कार चलाते हुए निकला था। आखिर उसने ड्राइवर को रखने से मना क्यों किया? पुलिस इसकी जांच में लगी है।

किडनैपरों को शहर से निकलने का मिला मौका

उद्योगपति प्रवीण के गायब होने की सूचना परिजनों ने रात करीब 10 बजे पंडरी थाने में दी। चूंकि परिजनों ने सिलतरा ऑफिस से नहीं आने की जानकारी दी थी। इस कारण पंडरी पुलिस ने उन्हें सिलतरा पुलिस चौकी में शिकायत करने के लिए कहा। इसके बाद परिजनों पुलिस के आला अफसरों से संपर्क किया और उन्हें जानकारी दी।

इसके बाद आधी रात को पुलिस ने उद्योगपति के गुमशुदगी का केस दर्ज कर जांच शुरू की। अगले दिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसके बाद उन्हें अपहरण का शक हुआ और उनकी तलाश शुरू की, तब तक किडनैपर शहर से निकल चुके थे। पुलिस का दावा है कि घटना सोमानी का अपहरण शाम 6 बजे उनके ऑफिस से निकलने के बाद हुआ और 6.30 बजे उनका मोबाइल बंद हो गया। परिजनों ने रात करीब 10 बजे उनके घर नहीं पहुंचने की सूचना दी। तीन घंटे में दुर्ग-भिलाई-राजनांदगांव होते हुए महाराष्ट्र, दूसरी ओर मंदिरहसौद होते हुए ओडिशा और बिलासपुर होते हुए मध्यप्रदेश की ओर आसानी से किडनैपर निकल गए होंगे।

इलाहाबाद के रिश्तेदारों से होती थी बातचीत

सोमानी का इलाहाबाद के कुछ रिश्तेदारों से लगातार बातचीत होती थी। प्रवीण का रिश्तेदार कुछ वर्षों से कारोबार के सिलसिले में रायपुर में सक्रिय था। पुलिस सोमानी के रिश्तेदारों के बारे में जानकारी खंगाल रही है। हालांकि पुलिस ने मामले में पेशेवर अपहरण गिरोह पर आशंका जताते हुए कुछ राज्यों में टीम भेजकर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

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