
दिवाली से छठ तक कई ट्रेनों में नो रूम, दुर्ग-साउथ बिहार में वेटिंग 200 पार
रायपुर। Chhattisgarh News: दिवाली और छठ पूजा दोनों बड़े पर्व नजदीक होने से ट्रेनें पूरी तरह से ठसाठस चल रही हैं। रेलवे का यह सबसे पीक यात्री सीजन है। अब ऐसी कोई ट्रेन नहीं जिसमें रिजर्वेशन की टिकट की वेटिंग ॅ100 के आसपास न हो। दुर्ग-साउथ बिहार एक्सप्रेस और सिकंदराबाद-दरभंगा जैसी ट्रेनों में नो रूम की िस्थति बन गई है। 15 से 17 नवंबर के बीच वेटिंग 200 से पार है। ऐसे में यात्रियों को सफर करना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ऐसी ट्रेनों में अतिरिक्त कोच की सुविधा मुहैया नहीं कराया है।
रेलवे का यह सबसे पीक यात्री सीजन होने से आवाजाही दोगुना से ज्यादा बढ़ गई है। जितनी भीड़ ट्रेनों में रहती है, उतनी ही प्लेटफार्म पर ट्रेन आने के दौरान नजर आती है। रायपुर स्टेशन होकर आने-जाने वाली एक्सप्रेस, मेल, सुपरफास्ट किसी भी ट्रेन में केवल वेटिंग टिकट ही यात्रियों को मिल रहा है। सबसे अधिक वेटिंग बिहार और यूपी वाली ट्रेनों में हुई है। क्योंकि दिवाली पर्व के चार दिन बाद से छठ पूजा पर्व है। ऐसे में दुर्ग-सारनाथ एक्सप्रेस, दुर्ग-साउथ बिहार एक्सप्रेस हो या सिकंदराबाद-दरभंगा और बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस किसी में भी टिकट कंफर्म होने की कोई उम्मीद नहीं है। क्योंकि किसी हर श्रेणी के कोच में अब नीचे बैठने तक की जगह यात्रियों को मिल पाना मुश्किल होगा। इतनी वेटिंग हो चुकी है।
इस महीने ट्रेनें पैक
यात्रियों की आवाजाही इतनी तेजी से बढ़ी है कि अब सभी ट्रेनाें में केवल वेटिंग टिकट ही यात्रियों को मिल रहा है। इसलिए सूची लंबी होती है। हालात ये है कि बिना अतिरिक्त कोच लगाए किसी यात्री का रिजर्वेशन टिकट कंफर्म होने वाला नहीं है। रेलवे के मुख्य रिजर्वेशन ऑफिस के अनुसार नवंबर के पूरे महीने तक पूरी तरह से ट्रेनें पैक हो चुकी हैं। ऐसा कोई कोच नहीं जिसमें वेटिंग सूची 100 के करीब न चल रही हो।
अभी मात्र एक पूजा स्पेशल ट्रेन
सालभर का सबसे बड़ा त्योहार दिवाली और छठ पूजा के दौरान सबसे अधिक आवाजाही होने के बावजूद भी अभी तक रेलवे प्रशासन केवल एक पूजा स्पेशल साप्ताहिक ट्रेन हटिया-पुणे के बीच चलाना शुरू किया है। जबकि सबसे अधिक जरूरत बिहार और यूपी राज्य के बीच चलने वाली ट्रेनों में वेटिंग है। यही हाल हावड़ा-मुंबई, हावड़ा-अहमदाबाद, सूरत समेत छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, जो अमृतसर तक चलती है, लोग धक्का-मुक्की खाते हुए जनरल कोचों में सफर करने को मजबूर हैं। क्योंकि त्योहार पर घर जाना भी जरूरी है।
Published on:
06 Nov 2023 04:07 pm

बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
