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GST में गणित लगाकर टैक्स चोरी करने वाले कारोबारियों को नोटिस, पढ़िए खबर वरना अगला नंबर आपका

GST में गणित लगाकर टैक्स चोरी करने वाले कारोबारियों को नोटिस, पढि़ए खबर वरना अगला नंबर आपका

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Tax theft in GST

GST में गणित लगाकर टैक्स चोरी करने वाले कारोबारियों को नोटिस, पढ़िए खबर वरना अगला नंबर आपका

रायपुर.GST में गणित लगाकर टैक्स चोरी करने वाले कई करोबारियों की अब खैर नहीं। राज्य कर विभाग को कारोबारियों के इस करतूत के बारे में पता चला गया है। आपको बता दें कि जब से जीएसटी लागू हुआ है उसके बाद से कई कारोबारियों ने 10 हजार के माल को 1 हजार रुपए बताकर आयकर विभाग को चूना लागने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह से कारोबारी लाखों रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं। अब इस तरह की टैक्स चोरी करने वालों की खैर नहीं।

दरअसल राजधानी रायपुर में सस्ते सॉफ्टवेयर से लाखों रुपए की टैक्स चोरी मामले में खुलासे के बाद अब छत्तीसगढ़ राज्य कर (वाणिज्यिक कर) विभाग ने एक साथ कई डीलर्स को नोटिस थमा दिया है। विभाग के इनफोर्समेंट विंग के अधिकारियों के मुताबिक डीलर्स द्वारा ऑनलाइन रिटर्न में ही गलती पकड़ में आ रही है।

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छापा मारने के बजाय थमाया नोटिस
छापा मारने के बजाय उनकी यह टैक्स चोरी ऑनलाइन रिटर्न से दिखाई दे रही है, जिसमें बिक्री के मुताबिक टैक्स प्राप्त नहीं हो रहा है। टैक्स रिवीजन को लेकर विभाग ने शहर में 50 से अधिक डीलर्स को नोटिस जारी किया है, जो कि जीएसटी के दायरे में आते हैं। विभाग की जांच अन्य सप्लायर पर भी टिकी हुई है। खासतौर पर रेस्टोरेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स और होलसेल सेक्टर में इस तरह बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।

जीएसटी नंबर हो सकता है रद्द

कम बिक्री बताकर टैक्स से बचने वाले कारोबारियों की लिस्टिंग की जा रही है। डीलर्स को टैक्स पेनाल्टी के लिए समय दिया गया है। नियत समय में टैक्स और जवाब नहीं देने वाले कारोबारियों के जीएसटी नंबर भी रद्द किया जा सकता है।

रिटर्न में हर खरीदी-बिक्री की जानकारी
ऑनलाइन रिटर्न में डीलर्स को हर खरीदी-बिक्री की जानकारी बतानी है। इसके साथ ही महीने में कुल कारोबार, राज्य के बाहर से खरीदी-बिक्री को अलग-अलग आंकड़ों के साथ अपडेट करना है। सॉफ्टवेयर की मदद से भले बिक्री कम दिखाकर टैक्स चोरी को अंजाम दिया गया हो, लेकिन ऑनलाइन रिटर्न की पड़ताल में टैक्स चोरी पकड़ में आ रही है। विभाग ने इसके लिए विशेषज्ञों की भी मदद ली है।

बाजार में अभी भी नहीं मिल रहा है बिल

राजधानी के थोक और खुदरा बाजारों में अभी भी जीएसटी बिल को लेकर ग्राहकों और डीलर्स को दो-चार होना पड़ रहा है। 20 लाख सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी से राहत दी गई है, लेकिन इससे अधिक टर्नओवर होने पर कारोबारियों जीएसटी नंबर लेना है, वहीं रिटर्न भी दाखिल करना है। बाजार में अभी भी कई बड़े थोक दुकानों में जीएसटी बिल नहीं मिल रहा है।

जीएसटी में टैक्स चोरी से राजस्व पर सवाल
जीएसटी में टैक्स चोरी के खुलासे के बाद राजस्व पर बड़ा सवाल खड़ा हो चुका है। क्योंकि जीएसटी लागू होने के बाद वैसे भी राजस्व को लेकर राज्य सरकार की निर्भरता केन्द्र पर होगी। ऐसे में जीएसटी चोरी से लाखों रुपए के टैक्स चोरी होना अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। इससे पहले मालवीय रोड स्थित बर्तन कारोबारी के दुकान से 25 से 30 लाख रुपए की टैक्स चोरी पकड़ी जा चुकी है।

राज्य कर विभाग आयुक्त पी. संगीता ने कहा कि मामले की जांच जारी है। रिटर्न में गड़बड़ी मिलने पर डीलर्स को नोटिस जारी किया जा रहा है।