
दरअसल, राजीव गांधी शिक्षा मिशन ने 200 साल से पुराने अंग्रेजों के जमाने के स्कूलों को धरोहर स्कूल के रूप में विकसित करने की पहल की है।इन स्कूलों को संग्रहालय के तौर पर तैयार किया जाएगा।पहले चरण में बनने वाले संग्रहालय के लिए जिले के 61 स्कूलों का चयन किया गया है।
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छत्तीसगढ़ में सौ से डेढ़ सौ वर्ष पुराने सैकड़ों स्कूल आज भी मौजूद हैं।हालांकि कई ऐसे भी स्कूल हैं जिनका जीर्णोद्धार किया जाना है।स्कूलों की प्राचीन इमारतों की मरम्मत कर उसे जस का तस रखा जाएगा।हालांकि इन प्राचीन भवनों के आसपास नवीनतम भवनों का निर्माण किया जा चुका है।
राजीव गांधी शिक्षा मिशन के सहायक समन्यवक अरुण शर्मा ने बताया कि बच्चों को इतिहास का गौरव पता चलेगा। बच्चों और शिक्षकों के पास स्कूल का रिकॉर्ड होगा। छात्रों को स्कूली जीवन और उसके आसपास के इतिहास के गौरव से जोडऩा, स्कूल के बाहरी अनुभवों से परिचित कराना आदि शामिल है।
Published on:
04 Mar 2018 02:04 pm
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