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रायपुर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तीसरी वर्षगांठ पर 5 केंद्रीय संस्थानों के प्रमुखों ने रखी अपनी बात

एनईपी 2020 एक संपूर्ण और समावेशी शिक्षा नीति

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रायपुर। एनआईटी रायपुर के सीवी रमन सभाकक्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की तीसरी वर्षगांठ पर 5 केंद्रीय संस्थानों के प्रमुखों ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी 2020) एक संपूर्ण और समावेशी शिक्षा नीति है।
एनईपी 2020 लक्ष्य एवं उपलब्धियां विषय पर पत्रकारवार्ता को केन्द्रीय विद्यालय संगठन के उपायुक्त विनोद कुमार, आरडीएसडीई के उपनिदेशक रजनीश कुमार झा, आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव, आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रो. कमल जैन ने संबोधित किया। इस मौके पर पीआईबी के प्रभारी अधिकारी शैलेष फाये मौजूद रहे।
केन्द्रीय विद्यालय संगठन के उपायुक्त विनोद कुमार ने कहा कि यह शिक्षा सभी चरणों में शिक्षार्थी केंद्रित, लचीली, अनुभवात्मक, समग्र, बहु-विषयक, एकीकृत और सबसे बढ़कर आनंददायक शिक्षा प्रदान करने के लक्ष्य को केंद्रित करती है।
आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि समाज और देश के विकास के लिए जैसी शिक्षा नीति चाहिए, वह एनईपी 2020 में समाहित है।
स्कूलों से ही जोड़ा गया कौशल विकास को
केन्द्रीय विद्यालय संगठन के उपायुक्त विनोद कुमार ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन वर्ष 2020 से एनईपी को लागू करने एवं इसके बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालय विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रयासरत है। सेकेंडरी कक्षाओं में आईटी एवं एआई जैसे विषय संचालित किए जा रहे हैं। पीएम केवीवाय 3.0 के अंतर्गत 228 केंद्रीय विद्यालयों में स्किल हब पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किए गए हैं। श्री कुमार ने एनईपी के तहत आने वाले पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया, निपुण भारत, नई शैक्षणिक संरचना, विद्या प्रवेश, पीएम ई-विद्या, विद्यांजलि, एनसीएफएफएस, कौशल आधारित विषय उत्तम शैक्षणिक वातावरण निर्माण के संबंध में भी जानकारी दी।
व्यावसायिक एवं सामान्य शिक्षा का एकीकरण
आरडीएसडीई के उपनिदेशक रजनीश कुमार झा ने बताया कि एनईपी 2020 में कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके तहत व्यावसायिक शिक्षा का सामान्य शिक्षा के साथ एकीकरण किया गया है। विभिन्न विषयों में कौशल को जोड़ा गया है। सतत मूल्यांकन, समावेशी और टिकाउ कौशल, क्षेत्रीय भाषाओं में कुशलता, क्रेडिट फ्रेमवर्क को जोड़ा गया है।
विद्यार्थियों को उनके सीखने तरीके से शिक्षा
आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रो. कमल जैन ने कहा कि छात्र हमारे पढ़ाने के तरीके से नहीं सीखते हैं तो उन्हें उनके सीखने के तरीके से सिखाना चाहिए। कहने का मतलब यह है कि शिक्षा छात्र केंद्रित होनी चाहिए न कि शिक्षक केंद्रित। प्रत्येक छात्र की क्षमताओं को पहचानना, सम्मान करना और बढ़ावा देना नई शिक्षा नीति का मूल है। प्रो. जैन ने कहा कि मस्तिष्क को प्रशिक्षित करने वाली की बजाय हृदय को छूने वाली शिक्षा स्थिर होती है।
बेहतर और कुशल नागरिक बनाने पर जोर
एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव ने कहा कि एनईपी बेहतर और कुशल नागरिक बनाने पर जोर देती है। यह पद्धति लचीली है। आज जहां स्मार्ट इंडस्ट्री, स्मार्ट सिटी बन रहे हैं। व्यवस्था में बदलाव आ रहा है। वहीं आने वाले कल के लिए हमें स्टूडेंट को तैयार करना है। यही बातें नई शिक्षा नीति में शामिल है।
अपनी भाषा में कर सकते हैं पढ़ाई
आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि समाज और देश के विकास के जिस तरह के शिक्षा की जरूरत है, वह एनईपी 2020 में समाहित है। स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट अपनी भाषा में पढ़ाई कर सकते हैं। स्किल, रिसर्च, एक्सपीरिएंस तथा लेबोरेटरी बेस्ड शिक्षा पर जोर है।