
छत्तीसगढ़ में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना अगस्त से शुरू होने की उम्मीद, ये है देरी की बड़ी वजह
रायपुर. छत्तीसगढ़ में वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना (One Nation One Ration Card Scheme) लागू होने में थोड़ा विलंब हो सकता है। प्रदेश के सभी जिलों में इस योजना के अगस्त तक शुरू होने की संभावना दिख रही है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे जुलाई से लागू करने का निर्देश दिया हैं।
छत्तीसगढ़ में इस योजना में विलंब की बड़ी वजह इसकी नई मशीनें हैं। राज्य सरकार ने इस मशीनों की खरीदी के लिए टेंडर निकालकर हैदराबाद की एक कंपनी को इसका ठेका भी दे दिया है, लेकिन लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण की वजह से मशीने मिलने में देरी हो रही है। अभी फिलहाल 200 मशीन मिली है।
इसकी वजह से इसे रायपुर और धमतरी जिले में भेजा गया है। मशीन के संचालन और रखरखाव के लिए हैदराबाद की कंपनी ने प्रशिक्षण भी दिया है। रायपुर में इसकी शुरुआत आज से होगी। धमतरी में भी इसका प्रयोग शुरू हो गया है। इस योजना के पूरी तरह लागू होने के बाद राशन वितरण में होने वाली गड़बडिय़ों पर अकुंश लगेगा। वहीं कोई भी पात्र हितग्राही किसी भी राज्य और शहर से अपना राशन ले सकेगा।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 68 लाख 15 हजार 87 राशन कार्ड प्रचालित है। इनके जरिए 2 करोड़ 52 हजार 25 हजार 821 हितग्राही जुड़े हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि पीओएस मशीन की खरीदी की गई है। पीओएस मशीन और इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन को ब्लू टूथ के साथ जोड़ा गया है। इससे गड़बड़ी की आशंका कम होगी।
अधिकारियों का कहना है, जैसे-जैसे मशीन आते जाएगी, वैसे-वैसे राशन दुकानों में इसका प्रयोग शुरु होते जाएगा। बता दें पिछले दिनों विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने भी प्रदेश में वन नेशन, वन राशन कार्ड की प्रगति की समीक्षा थी और उन्होंने इस योजना को शीघ्र अमल में लाने अधिकारियों को निर्देशित किया था। अगस्त से इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू करने का लक्ष्य है।
आंखों की पुतलियों का भी होगा रेकॉर्ड
नई पीओएस मशीन में आंखों की पुतलियों का भी रेकॉर्ड होगा। इसके आधार पर नई मशीन में कार्डधारकों को राशनकार्ड के अलावा आधार कार्ड, अंगूठा निशान और आंखों की पुतली के प्रमाणीकरण के माध्यम से भी राशन प्राप्त करने का विकल्प होगा।
यह है प्रदेश में राशन दुकानों की स्थिति
राज्य में विभिन्न समितियों और संस्थाओं के द्वारा राशन दुकानों का संचालन किया जाता है। इसमें 4 हजार 428 उचित मूल्य की दुकाने पंचायतों द्वारा, 4 हजार से ज्यादा दुकाने सहकारी समितियों द्वारा, 3 हजार 925 दुकाने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा, 120 दुकानें सुरक्षा समितियों द्वारा और 320 उचित मूल्य की दुकाने नगरीय निकायों द्वारा संचालित की जा रही है।
खाद्य विभाग के विशेष सचिव मनोज कुमार सोनी ने कहा, मशीन की खरीदी के लिए टेंडर हो गया है। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन की वजह से इसके उत्पादन पर भी असर पड़ा है।
फैक्ट फाइल
1407658- अन्त्योदय कार्ड
4211369- अन्त्योदय कार्ड सदस्य
38576-निराश्रित कार्ड
38576- निराश्रित कार्ड सदस्य
6077-अन्नपूर्णा कार्ड
11934- अन्नपूर्णा कार्ड सदस्य
4384927- प्राथमिकता कार्ड
17835717- प्राथमिकता कार्ड सदस्य
10980- नि:शक्तजन कार्ड
12357- नि:शक्तजन कार्ड सदस्य
966869- एपीएल ( सामान्य परिवार ) कार्ड
3115868- एपीएल ( सामान्य परिवार ) कार्ड सदस्य
6815087- कुल कार्ड
25225821- कुल सदस्य
Published on:
03 Jul 2021 07:50 pm
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