
नवा रायपुर में भूखंड नियमितीकरण (photo source- Patrika)
CG Cabinet Meeting: नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों पर देय ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू होगी। बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके लागू होने के बाद नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
इस योजना से पात्र आवंटितियों को निर्धारित शर्तों के तहत बकाया देयों के नियमितीकरण, परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे जो विकास करने के इच्छुक है उनको अवसर मिलेगा और जो इच्छुक नहीं है वे समय पर आवंटित भूमि को सरेंडर कर सकेंगे। इस निर्णय से मुकदमेबाजी में कमी आएगी और भूमि का बेहतर उपयोग होगा। कैबिनेट ने राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि के आवंटन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
कैबिनेट ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम,2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में अंगीकार करने के लिए विधानसभा में संकल्प प्रस्तुत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। भारत सरकार द्वारा लाए गए इस संशोधन का उद्देश्य पर्यावरणीय कानूनों के अनुपालन को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। इसके तहत छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर उन पर आर्थिक दंड का प्रावधान तथा दंड निर्धारण एवं अपील की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है। इस निर्णय से राज्य में पर्यावरणीय नियमन को सरल बनाने, अनुपालन को प्रोत्साहित करने तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ प्रभावी पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
कैबिनेट में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य जीएसटी कानून को सरल बनाना तथा करदाताओं, विशेषकर निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। इससे कर प्रशासन अधिक प्रभावी होगा, करदाताओं को सुविधा मिलेगी साथ ही राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
इसके साथ ही निवेश प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करना है। कैबिनेट ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इसके अंतर्गत डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, तृतीय-पक्ष सत्यापन, जोखिम-आधारित निरीक्षण तथा दोहरे लाइसेंङ्क्षसग दायित्वों को समाप्त करने जैसे प्रावधान किए गए हैं।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए वर्तमान त्रिपक्षीय अनुबंध को बदलने का फैसला लिया है। इसके स्थान पर भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी गई है।
इस निर्णय से एनटीपीसी सहित अन्य सीपीएसयू से विद्युत आपूर्ति की निरंतरता तय होगी तथा भुगतान सुरक्षा की व्यवस्था आरबीआई के वर्तमान प्रावधानों के अनुरूप हो सकेगी। राज्य शासन पर इससे कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, क्योंकि वितरण कंपनी द्वारा भुगतान की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी। आवश्यक होने पर पहले लेटर ऑफ क्रेडिट की व्यवस्था प्रभावी रहेगी।
Updated on:
09 Jul 2026 06:55 am
Published on:
09 Jul 2026 06:55 am
