
ऑनलाइन ठगी रैकेट का भंडाफोड़! 12वीं पास हैकर समेत 6 गिरफ्तार, APK फाइल से हैक करते थे मोबाइल...(photo-patrika)
CG Online Fraud: छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक 12वीं पास हैकर ने एपीके फाइल बनाकर कई लोगों से लाखों रुपए की ऑनलाइन ठगी की। इसके लिए उसने एक गिरोह बनाया। इसके बाद सरकारी संस्थानों के नाम से एपीके फाइल बनाकर कई लोगों से ऑनलाइन ठगी की। पुलिस ने मास्टरमाइंड हैकर और उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी 12वीं से ज्यादा पढ़े नहीं हैं। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक अर्चना भदौरिया के वाट्सऐप में आरटीओ चालान एपीके फाइल व महेश कुमार साहू के वॉट्सऐप में पीएम किसान योजना की एपीके फाइल भेजी गई। इससे दोनों के मोबाइल को हैक करके कुल 17 लाख 12 हजार की ऑनलाइन ठगी की गई। टिकरापारा व राखी थाने में केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान महाराष्ट्र के पुणे स्थित लोनेवाला निवासी धर्मजीत सिंह का पता चला।
धर्मजीत ने 12वीं तक पढ़ाई की है, लेकिन हैकर के रूप में सक्रिय है। वह एपीके फाइल बनाकर सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक भेजता था। इसके बाद मोबाइल हैक करके जानकारी चुराता था। पुलिस ने धर्मजीत को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ के बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
इंश्योरेंस, PM किसान योजना, बैंक, आयुष्मान कार्ड, PM आवास योजना, RTOchallan. apk, Customer_ support. apk, ICICIBank. apk, PMkishan. apk, courierservice. apk, CSCservicejoin. apk, signed. apk, SBIcreditcard. apk, Pandaadmin. apk, Americancard. apk, Admin. apk, Fastag. apk, admin. apk, punjabnationlbank. apk, SBIyono. apk आदि नाम व फार्मेट में एपीके फाइल होती है। जहां भी कोई फाइल एपीके फार्मेट हो, तो उसे क्लिक करने से बचें।
धर्मजीत के खुलासे के बाद पुलिस ने सौरभ कुमार, आलोक कुमार, चांद बाबू, मोहम्मद इरफान अंसारी और मारुफ सिद्दकी को गिरफ्तार किया। धर्मजीत टेलीग्राम और वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर लोगों को जोड़ता था। इसके बाद उसमें एपीके फाइल भेजता था। ग्रुप के मेंबर इस पर धोखे से भी क्लिक करते थे, तो उनके मोबाइल में फाइल डाउनलोड हो जाती थी। इसके बाद मोबाइल हैक हो जाता था।
मोबाइल का पूरा एक्सेस धर्मजीत को मिल जाता था। वह मोबाइल से बैंकिंग संबंधी जानकारी लेकर पूरा खाता खाली कर देता था। एपीके फाइल से सौरभ कुमार और आलोक भी लोगों के मोबाइल हैक करते थे। इसके बाद ठगी की राशि को म्यूल खातों में ट्रांसफर करते थे। चांद मोहम्मद से इरफान अंसारी को राशि भेजते थे, जिसे वह एटीएम के जरिए आहरण कर लेता था।
Updated on:
18 Nov 2025 10:48 am
Published on:
18 Nov 2025 10:48 am
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