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शनिवार से शुरू होने वाला पंचक होता है ‘अशुभ’, भूलकर भी न करें ये काम वरना…

रक्षाबंधन का यह महापर्व श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन यानि रविवार 26 अगस्त को मनाया जाएगा। लेकिन इस बार रक्षाबंधन के एक दिन पहले पंचक शुरू हो रहा है।

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Panchak News

शनिवार से शुरू होने वाला पंचक होता है 'अशुभ', भूलकर भी न करें ये काम वरना...

रायपुर. हिंदू पंचांग के 12 महीनों में श्रावण यानि सावन मास को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। यह महीना देवों के देव महादेव की आराधना की वजह से महत्वपूर्ण होता है, वहीं यह महीना भाई-बहनों का सबसे बड़ा महापर्व रक्षाबंधन की वजह से भी खास मायने रखता है।

ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन के 1 दिन पहले शुरू हो रहा मृत्यु पंचक, 5 दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम

इस बार रक्षाबंधन का यह महापर्व श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन यानि रविवार 26 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाई को रक्षा सूत्र बांध कर उसके सुखी जीवन की कामना करती हैं और भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देता है। लेकिन इस बार रक्षाबंधन के एक दिन पहले पंचक शुरू हो रहा है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक को अशुभ माना गया है। इस बार पंचक रक्षाबंधन से एक दिन पहले यानि 25 अगस्त शनिवार की रात 11.00 बजे से शुरू हो रहा है, जोकि 30 अगस्त रात 8.00 बजे तक रहेगा।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक कई प्रकार के होते हैं और उनके प्रभाव भी अलग-अलग होते हैं।हालांकि कुछ पंचक काल को शुभ माना गया है, जबकि कुछ पंचक अति कष्टदायी होते हैं। शनिवार से शुरू हो रहे पंचक के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

रोग पंचक - रविवार को शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहते हैं। इसके प्रभाव से 5 दिन तक शारीरिक और मानसिक परेशानी आती है। इस पंचक में किसी तरह का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। किसी भी तरह के मांगलिक कार्य के लिए यह पंचक अशुभ माना गया है।

राज पंचक - सोमवार को शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक कहते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इस पंचक को शुभ माना गया है। इसके प्रभाव से इन 5 दिनों में सरकारी कार्यों या राजकीय क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है। राज पंचक में संपत्ति से जुड़े काम करना अति शुभ माना जाता है।

अग्नि पंचक - मंगलवार को शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है। इस पंचक के दौरान कोर्ट - कचहरी या अपने पक्ष में प्राप्त करने वाले काम किए जा सकते हैं। इस पंचक में अग्नि का भय होता है। इस पंचक में किसी भी प्रकार का निर्माण या मशीनरी कार्य की शुरुआत करना अशुभ माना जाता है। इससे नुकसान की संभावनाएं प्रबल रहती हैं।

मृत्यु पंचक - शनिवार को शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहा जाता है। इस पंचक में किसी भी प्रकार का जोखिम भरा कार्य नहीं करना चाहिए। इससे विवाद, दुर्घटना आदि का खतरा बना रहता है।

चोर पंचक - शुक्रवार को शुरू होने वाले पंचक चोर पंचक कहलाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस पंचक में यात्रा करना उचित नहीं माना गया है। इस पंचक में किसी प्रकार का लेनदेन या व्यापार नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से धन हानि होती है।

बुधवार और गुरुवार को शुरू होने वाले पंचक में अन्य पंचक के नियमों का पालन करना चाहिए। 25 अगस्त से शुरू हो रहे पंचक का रक्षाबंधन पर्व में किसी भी प्रकार का कोई दोष नहीं रहता है। इसलिए पंचक से किसी प्रकार की घबराने या डरने की आवश्यकता नहीं है।