2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत्तीसगढ़ के किसानों से पैरादान की अपील, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- पराली जलाने के बजाय इसे दान कर दें…

Chhattisgarh farmers : पशुधन के लिए गौठानों में सूखे चारे का पर्याप्त प्रबंध हो सके, इसके लिए किसान भाईयों से आग्रह है कि धान की कटाई के बाद खेतों में पैरा को जलाने की बजाय अपने गांव की गौठान समिति को बीते वर्ष भांति इस साल भी पैरा-दान करें

2 min read
Google source verification
cm_bhupesh_baghel_news.jpg

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने राज्य के किसान भाईयों से गौठानों में गौमाता के चारे की व्यवस्था के लिए पैरा-दान (Paira dan in cg ) करने की अपील की है। किसान भाईयों के नाम (Chhattisgarh farmers) जारी अपनी अपील में मुख्यमंत्री (CM Bhupesh Baghel) ने कहा है कि आप सब को मालूम है कि राज्य के गांवों में पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गौठान बनाए गए है।

यह भी पढ़ें: अफसरों का जवाब ही नहीं.. ऑफिस में ही बैठकर बर्बाद फसलों को बता दिया सही, किसानों की बढ़ी चिंता

इन गौठानों में गोधन के चारे एवं पानी का निःशुल्क प्रबंध गौठान समितियों द्वारा किया गया है। पशुधन के लिए गौठानों में सूखे चारे का पर्याप्त प्रबंध हो सके, इसके लिए किसान भाईयों से आग्रह है कि धान की कटाई के बाद खेतों में पैरा को जलाने की बजाय अपने गांव की गौठान समिति को बीते वर्ष भांति इस साल भी पैरा-दान करें। इससे गोधन के लिए चारे का इंतजाम करने में समितियों को आसानी होगी।

यह भी पढ़ें: नहीं मिली किसी को राहत, IAS बिश्नोई, सूर्यकांत समेत सभी आरोपी फिर से 12 दिन की रिमांड पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी पूरे प्रदेश में धान कटाई और मिंजाई का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने किसान भाईयों से धान की कटाई के बाद पराली जलाने के बजाय पैरा को अपने नजदीक के गौठान को दान करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि खेतों में पराली जलाने से प्रदूषण एवं स्वास्थगत समस्याएं पैदा होती है।

यह भी पढ़ें: लोग जिसे विलुप्त मान बैठे थे वो सफेद भालू फिर से दो साल बाद आया नजर, सोशल मीडिया में वीडियो वायरल

पंजाब में पराली जलाने से वहां प्रदूषण एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि हम पराली जलाने के बजाय पैरे का दान करें, इससे हमारे राज्य की पशुधन को चारा का इंतजाम हो सके। उन्होंने कहा कि किसान भाईयों द्वारा दान किए गए पैरा को एकत्र करने एवं उसका परिवहन कराने के लिए राज्य के प्रत्येक गौठानों को 40 हजार रूपए दिए जा रहे है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को किसानों द्वारा दान किए गए पैरा का संकलन एवं परिवहन कराकर गौठानों में लाने का अभियान संचालित करने को कहा है।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजनांदगांव के डोंगरगांव में करेंगे भेंट-मुलाकात, एक क्लिक में देखें प्रदेश की 10 बड़ी खबरें