
तोता की तस्करी जोरों पर, नशीला पदार्थ खिलाकर शहर पहुंचा रहे
मैनपुर. मुख्यालय मैनपुर के आदिवासी वनांचल के पहाड़ी क्षेत्र से लगातार सुआ (तोता) की तस्करी बड़े पैमाने पर की जा रही है। एक संगठित तौर पर यह तस्करी हो रही है जिसके कारण क्षेत्र में तोता विलुप्ति के कगार पर पहुंच रहा है। लेकिन वन विभाग इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रहा है। तस्करी के दौरान कई तोते ठीक से दाना-पानी नहीं मिलने के कारण काफी कमजोर भी हो जाते हैं इनमें से कुछ बहुत छोटे बच्चे होते हैं जिन्हें तस्कर पकड़ लेते हैं।
वन्य जीवों की तस्करी पर पूरी तरह से प्रतिबंध होने के बावजूद भी मैनपुर, कुल्हाड़ीघाट, इंदागांव, उदंती, सीतानदी टाईगर रिजर्व क्षेत्र के जंगल तोते की तस्करी में कुख्यात हो रहे हैं। इन इलाकों से बड़े पैमाने तोता के अलावा अन्य दुर्लभ पक्षियों की तस्करी की जा रही है। इन पक्षियों की बड़े शहरों में अच्छी खासी मांग होने के कारण तस्कर संगठित होकर तस्करी कर रहे हैं। इसी शौक के कारण आज राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना लगभग विलुप्त हो चुकी है।
क्या कहते हंै अधिकारी
तोता की अवैध तस्करी की सूचना ग्रामीण समय-समय पर देते रहते हैं और वन विभाग अवैध तस्करी करने वालों की पड़ताल कर रहा है। इन्हें जल्द गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी।
सुदर्शन राम नेताम, वन परिक्षेत्र अधिकारी, कुल्हाड़ी घाट
Published on:
20 Mar 2020 05:09 pm
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