रायपुर. निगम में नेता मीनल चौबे के नेतृत्व में सोमवार को उप नेता प्रतिपक्ष मनोज वर्मा, पार्षद दल के प्रवक्ता मृत्युंजय दुबे के साथ पार्षदों ने सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सोमवार को दोपहर में बरसते पानी में स्मार्ट सिटी कार्यालय के गेट पर धरना और नारेबाजी करते हुए स्मार्ट सिटी के अफसरों से जवाब मांगा। नेता प्रतिपक्ष मीनल ने कहा कि करोड़ों रुपए का काम एक बरसात नहीं झेल पा रहा है। तत्काल ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड और दोषी इंजीनियरों को निलंबित किया जाए। हंगामा तीन घंटे तक चला। इस दौरान स्मार्ट सिटी के चीफ ऑपरेटिंग आफिसर (सीओओ) उज्जवल पोरवाल मास्क लगाकर गेट पर बात करने आए। नोंकझोंक के बीच वे केवल यही कहते रहे जांच करा रहे हैं। लेकिन भाजपा पार्षद दल नोटिस जारी होने तक अड़ा रहा।
एमडी को जारी करना पड़ा नोटिस
भाजपा पार्षदों के उग्र तेवर को देखते हुए स्मार्ट सिटी के मुख्य परिचालन अधिकारी उज्जल पोरवाल बेबस नजर आए। प्रबंध संचालक मयंक चतुर्वेदी कार्यालय में नहीं थे। सीओओ पोरवाल ने नोटिस तैयार करवाकर एमडी चतुर्वेदी से हस्ताक्षर कराया और ठेकेदार मेसर्स कैलाश अग्रवाल को 3 दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और 7 दिन के अंदर रिपेयरिंग कराने कहा है। ऐसा नहीं करने पर ब्लैकलिस्टेड करने की चेतावनी दी है।